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Gorakhpur News: नवोदय विद्यालय के शिक्षक की मौत के बाद भड़के छात्र, प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ी

Wed, 11 Feb 2026 02:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 02:26 AM IST
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Students of Navodaya Vidyalaya got angry after the death of a teacher, his health deteriorated during the protest
प्रधानाचार्य पर मानसिक उत्पीड़न का लगाया आरोप, निलंबन की मांग पर अड़े
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हॉस्टल में खुद को बंद कर किया प्रदर्शन, कई की तबीयत बिगड़ी


पीपीगंज क्षेत्र के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, जंगल अगही का मामला



गोरखपुर। पीपीगंज क्षेत्र के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, जंगल अगही के एक शिक्षक की सड़क हादसे में मौत के बाद छात्र भड़क गए। छात्रों ने शिक्षक की मौत के लिए प्रधानाचार्य को जिम्मेदार मानते हुए मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। छात्र उनके निलंबन की मांग पर अड़े रहे।

एसडीएम और क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज मौके पर पहुंचे, लेकिन आक्रोशित छात्रों ने बात करने से इन्कार कर दिया और हॉस्टल में अपने आप को कैद कर लिया। इस दौरान कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। दो बेहोश हो गए। डीएम दीपक मीणा ने छात्रों से फोन पर बातचीत की। कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर छात्र शांत हुए।
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जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अभय प्रताप सिंह (46), निवासी बस्ती शनिवार को बाइक से विद्यालय आते समय बस्ती के मुंडेरवा क्षेत्र में कार की ठोकर से गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।
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छात्रों का आरोप है कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि प्रधानाचार्य की मानसिक उत्पीड़न का परिणाम है। छात्रों ने सुबह करीब 8 बजे से धरना शुरू किया और प्रिंसिपल को तत्काल निलंबित करने की मांग की। साथ ही वे डीएम से मिलने की जिद पर अड़ रहे। धरने के दौरान भूख और तेज धूप ने हालात और गंभीर बना दिना। कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ बेहोश भी हुए। उस समय विद्यालय परिसर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन चल रहा था, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और कई डॉक्टर मौजूद थे।




डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार की कोशिश की, लेकिन छात्र-छात्राओं ने धरना नहीं छोड़ा और जांच कराने से इन्कार कर दिया। छात्रों ने गुस्से में स्वयं को हॉस्टल में बंद कर लिया। उनका कहना था कि जब तक डीएम स्वयं नहीं आएंगे, वे किसी से बात नहीं करेंगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन छात्र डीएम से बात करने पर अड़े रहे। अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बाद छात्रों को शांत कराया। अधिकारियों ने मेस में जाकर उन्हें भोजन कराते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद छात्र भोजन करने के लिए राजी हुए, लेकिन उनका आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ।
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