गोरखपुर विश्वविद्यालय: प्री-पीएचडी परीक्षा के पहले दिन विद्यार्थियों ने किया जमकर हंगामा, निरस्त
परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका फाड़ने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा। चिह्नित किए गए सभी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से निष्कासित व छात्रावास से बाहर करने का निर्णय लिया गया।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को प्री-पीएचडी परीक्षा के पहले दिन कुछ विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा किया। पहले परीक्षा का बहिष्कार किया और फिर उत्तर पुस्तिकाएं फाड़ दी। जिसके बाद विवि प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। केंद्राध्यक्ष प्रो. एसके सिंह की रिपोर्ट पर परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न करने और उत्तर पुस्तिका फाड़ने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से निष्कासित करने, प्रवेश पर प्रतिबंध तथा छात्रावास की सुविधा से भी वंचित करने का निर्णय लिया गया। मामले में निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव सहित चिह्नित किए गए 17 विद्यार्थियों के साथ अन्य के खिलाफ रात में कैंट थाने में तहरीर दी गई।
शुक्रवार को वर्ष 2019-20 की प्री-पीएचडी में प्रथम प्रश्न पत्र रिसर्च मेथोडोलॉजी की दीक्षा भवन में दोपहर एक बजे से होने वाली परीक्षा में कुछ विद्यार्थियों ने परीक्षा पैटर्न को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। परीक्षा का बहिष्कार करते हुए उत्तर पुस्तिका साथ लेकर कमरे से बाहर निकल आए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए उत्तर पुस्तिकाएं फाड़नी शुरू कर दी गईं।
केंद्राध्यक्ष प्रो. एसके सिंह ने विश्वविद्यालय को दिए अपनी रिपोर्ट में बताया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद 10-15 शोध छात्र-छात्राओं ने परीक्षा का बहिष्कार किया तो उनको बाहर जाने की अनुमति दे दी गई। लेकिन, उन्होंने सभी परीक्षा कक्षों में जाकर परीक्षाएं बाधित कीं। कुछ समय बाद केंद्राध्यक्ष के कमरे में घुस गए और गोपनीय कागजातों को फाड़ते हुए तोड़फोड़ करने लगे। इसके बाद जो छात्र परीक्षा दे रहे थे उनके प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट को जबरदस्ती छीन कर फाड़ने लगे। इसके अलाव छात्रों पर कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। रिपोर्ट में उन्होंने छात्रों पर सख्त अनुशासनिक कार्रवाई करने की सिफारिश की।
परीक्षा फार्मेट में कोई बदलाव नहीं : विवि प्रशासन
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी ब्यान में कहा गया कि परीक्षा का फार्मेट वैसा ही था, जैसा पहले बताया गया था। प्रथम प्रश्न पत्र रिसर्च मेथोडोलॉजी की परीक्षा कुल 65 अंक की थी, जिसमें 20 अंक का सब्जेक्टिव तथा 45 अंक का ऑब्जेक्टिव पेपर था। सब्जेक्टिव प्रश्न विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा ही तैयार किया गया था। जबकि ऑब्जेक्टिव प्रश्न वाह्य परीक्षकों द्वारा तैयार किया गया था।
कल होगी द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा
प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम के द्वितीय प्रश्नपत्र कंप्यूटर एप्पलीकेशन की परीक्षा पूर्व निर्धारित तिथि नौ जनवरी को होगी। निष्कासित विद्यार्थी इस परीक्षा में भाग नहीं ले पाएंगे।
परीक्षा केंद्र से मायूस लौटे विद्यार्थी
प्री-पीएचडी की परीक्षा को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे विद्यार्थी मायूस लौटे। विद्यार्थियों का कहना था कि पेपर आसान था। लेकिन, कुछ देर बाद हंगामा होने लगा। कापियां फाड़ दी गई। यह बिल्कुल गलत हुआ है।
सेडिका में विधि की परीक्षा में फाड़ी गई थीं कापियां
विश्वविद्यालय में कापियां फाड़ने की घटना नई नहीं है। इसके पहले वर्ष 1999-2000 में सेंट एंड्रयूज कॉलेज में विधि की परीक्षा के दौरान कापियां फाड़ दी गई थीं। इसका खामियाजा सभी विद्यार्थियों को उठाना पड़ा था। सत्र ही विलंब हो गया।