{"_id":"64bc308b32ec29fb1a004f1a","slug":"student-support-a-equpment-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1006-248827-2023-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बाढ़ व सुनामी की आहट बता देगा त्रिशूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बाढ़ व सुनामी की आहट बता देगा त्रिशूल
Sun, 23 Jul 2023 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 23 Jul 2023 01:09 AM IST
विज्ञापन
इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा गोरखपुर के चार छात्रों ने मिलकर एक वायरलैस त्रिशूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गीडा के चार विद्यार्थियों ने मिलकर एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जो बाढ़ एवं सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदा आने की सटीक सूचना पहले ही दे देगा। इसकी मदद से लोगों को समय से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है। इसका नाम त्रिशूल रखा गया है। यह डिवाइस वायरलेस तकनीक पर आधारित है। एमएमएमयूटी के बीबीए की जान्हवी श्रीवास्तव, दर्शन सराफ तथा बीसीए की खुशी त्रिपाठी व अक्षिता मिश्रा ने इस डिवाइस को महज सात दिनों में तैयार किया है।
इसे बनाने में करीब चार हजार रुपये खर्च आए हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि इस तकनीक की मदद से नदियों के बढ़ते जलस्तर की सूचना समय से पहले स्थानीय प्रशासन को मिल सकता है। आपदा राहत में यह बहुत ही उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस डिवाइस को तैयार करने मे हाई फ्रीक्वेंशी ट्रांसमीटर, रिसिवर, 9 वोल्ट की बैटरी, रिले रिसीवर, एलईडी बल्ब, अलार्म एंडीकेटर इत्यादि उपकरणों का प्रयोग किया गया है।
संस्थान के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि इस नवाचार को कॉलेज के प्रयोगशाला में विद्यार्थियों ने तैयार कर सफल परीक्षण किया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित यह डिवाइस आम लोगों की मददगार साबित होगी।
विज्ञापन
इस उपलब्धि पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
विज्ञापन
इसे बनाने में करीब चार हजार रुपये खर्च आए हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि इस तकनीक की मदद से नदियों के बढ़ते जलस्तर की सूचना समय से पहले स्थानीय प्रशासन को मिल सकता है। आपदा राहत में यह बहुत ही उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस डिवाइस को तैयार करने मे हाई फ्रीक्वेंशी ट्रांसमीटर, रिसिवर, 9 वोल्ट की बैटरी, रिले रिसीवर, एलईडी बल्ब, अलार्म एंडीकेटर इत्यादि उपकरणों का प्रयोग किया गया है।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि इस नवाचार को कॉलेज के प्रयोगशाला में विद्यार्थियों ने तैयार कर सफल परीक्षण किया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित यह डिवाइस आम लोगों की मददगार साबित होगी।
विज्ञापन
इस उपलब्धि पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की है।