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UP: 'अलविदा मम्मी-पापा! अगला जन्म मिला तो आपके सारे सपने पूरे करूंगा', सुसाइड नोट में छलका बीटेक छात्र का दर्द

Sat, 16 May 2026 04:32 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 16 May 2026 04:32 PM IST
सार

गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र घनेंद्र चौधरी की खुदकुशी के मामले में कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। सुसाइड से पहले उसने अपने आईफोन पर वीडियो बनाने के साथ ही नोट भी लिखा है। 

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Student Commits Suicide in Gorakhpur Recorded a Video Before Suicide
मृतक छात्र की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मम्मी-पापा! मुझे माफ कर देना... मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। अच्छा बेटा बन पाया न ही अच्छा छात्र। अगर अगला जन्म मिला तो फिर आऊंगा और आपके सारे सपने पूरे करूंगा। 
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महादेव बॉयज हॉस्टल के कमरे से मिले इस सुसाइड नोट की हर पंक्ति 23 वर्षीय घनेंद्र चौधरी के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष को बयां कर रही थीं। नोट पढ़ने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और आसपास के लोग भी भावुक हो उठे।
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अलीगढ़ जिले के खैर बाईपास रोड निवासी एनएचएआई कर्मी बृजभान सिंह का बेटा घनेंद्र चौधरी गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था।
 

कमरे की तलाशी के दौरान मिला सुसाइड नोट पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू बन गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि घनेंद्र पढ़ाई को लेकर दबाव में था। हॉस्टल वार्डेन संदीप पांडेय के अनुसार, वह मार्च महीने में हॉस्टल में रहने आया था। 

 

उसका स्वभाव बेहद शांत था और वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। वार्डेन ने बताया कि हॉस्टल में प्रवेश के दौरान भरे गए फार्म में अंग्रेजी की कई गलतियां थीं। इंजीनियरिंग स्तर की पढ़ाई के बावजूद वह सामान्य अंग्रेजी भी ठीक से नहीं लिख पा रहा था।
 
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परिजनों के आने के बाद होगा शव का पोस्टमार्टम
थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इसके साथ ही सुसाइड की असल वजह भी स्पष्ट हो जाएगी।
 

सुसाइड से पहले वीडियो बनाया, बताया करने जा रहा सुसाइड
गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र घनेंद्र चौधरी की खुदकुशी के मामले में कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। सुसाइड से पहले उसने अपने आईफोन पर वीडियो बनाने के साथ ही नोट भी लिखा है। इससे प्रथम दृष्टया कारण हताशा प्रतीत हो रहा है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि बुधवार को शाम चार बजे के आसपास घनेंद्र बाहर से हॉस्टल में पहुंचा था। इसके बाद हॉस्टल से नहीं निकला। इस समय उसकी परीक्षाएं भी चल रही हैं। पिछले महीने उसका रूम पार्टनर महादेव छात्रावास से चला गया था, जिसके बाद वह द्वितीय तल पर स्थित कक्ष संख्या 301 में अकेले ही रह रहा था। हॉस्टल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। फुटेज में वह एक बार रात में करीब 9:30 बजे और दूसरी बार रात करीब 12:30 बजे कमरे से निकला था। उसने रात में डिनर भी नहीं किया था। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसने बुधवार सुबह नाश्ता किया था।

 

पुलिस की पूछताछ में छात्रावासियों ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे घनेंद्र कमरे से बाहर निकला था, तब आईपीएल का क्रिकेट स्कोर पूछकर कमरे में चला गया था। सीसीटीवी फुटेज में रात 12:30 बजे वह कमरे से बाहर निकलकर टॉयलेट की तरफ जाते और फिर हाथ-मुंह धोकर निकलते दिख रहा है। माना जा रहा है कि उसके बाद ही उसने आत्महत्या की।

 

पुलिस ने कमरा नंबर 301 में ताला लगा दिया है। देर रात तक घनेंद्र के परिजन गोरखपुर नहीं पहुंच सके थे। परिजनों की मौजूदगी में अब शुक्रवार को ही ताला खोला जाएगा। इस संबंध में पुलिस ने हॉस्टल संचालक को निर्देश दिया है कि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाए। उसका सभी रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में भी शोक का माहौल है।

आधे से अधिक छात्रावासियों ने छोड़ा हॉस्टल
महादेव हॉस्टल में सामान्य तौर पर 50 से अधिक छात्र रहकर पढ़ाई या तैयारी करते हैं। इन दिनों परीक्षाएं समाप्त हो रही हैं। इस वजह से इनकी संख्या आधी ही रह गई थी। अचानक हुई इस घटना से वहां रहने वाले छात्र भी सहम गए। करीब 10 से 15 छात्रावासी हॉस्टल में सूचना देकर निकल गए।
 

करीब पांच महीने से रह रहा था हॉस्टल में
हॉस्टल के कर्मचारियों ने बताया कि घनेंद्र पिछले सत्र में एक वर्ष तक यहीं रहा था। उसके बाद बाहर चला गया था। करीब पांच महीने पहले ही वह दोबारा हॉस्टल में आया था। हॉस्टल के एक छात्र ने बताया कि कुछ समय पहले घनेंद्र की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद वह विश्वविद्यालय में भी प्रतिदिन नहीं जाता था।
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