{"_id":"5f8826f46e0fd53037018695","slug":"story-of-pandit-jawaharlal-nehru-and-hanuman-prasad-poddar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंग्रेजों के दबाव में नहीं आए थे 'भाई जी', गोरखपुर आने पर पंडित नेहरू को दी थी अपनी कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंग्रेजों के दबाव में नहीं आए थे 'भाई जी', गोरखपुर आने पर पंडित नेहरू को दी थी अपनी कार
Thu, 15 Oct 2020 04:11 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 15 Oct 2020 04:11 PM IST
विज्ञापन
हनुमान प्रसाद पोद्दार और पंडित जवाहर लाल नेहरू। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में 1936 में भयंकर बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ से हजारों घर तबाह हो गए थे। इसकी जानकारी जब पंडित जवाहर लाल नेहरू हो हुई तो वह गोरखपुर दौरे पर आए।
विज्ञापन
उनके यहां आने से पहले अंग्रेजों ने लोगों धमकी दी थी कि अगर किसी शख्स ने पंडित नेहरू को कार उपलब्ध कराई तो उसका नाम विद्रोहियों की सूची में लिख दिया जाएगा। यहां लोग उनकी बात को मान भी गए। इस 'भाई जी' अंग्रेजों के आगे नहीं झुके और अपने कार नेहरू जी को दे दी।
विज्ञापन
कौन थे भाई जी
हनुमान प्रसाद पोद्दार उर्फ भाई जी बहुत बड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। अंग्रेजों द्वारा कई तरह के अत्याचार के बावजूद भी उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।
विज्ञापन
कलकत्ता में आजादी आंदोलन और क्रांतिकारियों के साथ काम करने के एक मामले में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने हनुमान प्रसाद पोद्दार सहित कई प्रमुख व्यापारियों को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन लोगों ने ब्रिटिश सरकार के हथियारों के एक जखीरे को लूटकर उसे छिपाने में मदद की थी।
कलकत्ता में ये स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों अरविंद घोष, देशबंधु चितरंजन दास, पं झाबरमल शर्मा के संपर्क में आए और आजादी के आंदोलन में कूद पड़े। इसके बाद लोकमान्य तिलक और गोपालकृष्ण गोखले जब कलकत्ता आए तो भाई जी उनके संपर्क में आए इसके बाद उनकी मुलाकात गांधीजी से हुई थी।