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Gorakhpur News: पानी का छिड़काव बंद होने और खुले में निर्माण कार्य ने बढ़ाई मुसीबत
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बुधवार को शहर का एक्यूआई का स्तर 137 पर पहुंचा
सड़क पर धूल उड़ने से लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिवाली में पटाखों के बारूद से बिगड़ी शहर की हवा धीरे-धीरे पटरी पर आ रही थी। शहर की बिगड़ी प्रदूषण की स्थिति को सुधारने के लिए सड़क पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा था, लेकिन इधर पानी का छिड़काव बंद होने से शहर में प्रदूषण की स्थिति फिर बिगड़ने लगी है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 137 रहा, जो ''''''''मध्यम'''''''' श्रेणी में आता है।
आमतौर पर सर्दियों में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में धूल के कण ऊपर न जाकर नीचे रहने से शहर में प्रदूषण का कारण बने रहते है। इस बीच दिवाली में पटाखों के बारूद से शहर की हवा को खराब कर दिया था। दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को एक्यूआई 300 दर्ज किया गया था। दिवाली के तीन-चार दिन बाद से प्रदूषण के स्तर में धीरे-धीरे सुधार आया। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रशासन भी गंभीर था और शहर में निर्माण कार्य वाले स्थलों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा था। परिणाम स्वरूप तीन दिन पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 115 तक पहुंच गया था। लेकिन इधर स्तर में फिर बढ़ोतरी होने से हवा प्रदूषित होने लगी है।
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सिक्सलेन पर धूल उड़ने से परेशान रहे राहगीर
पैडलेगंज-ट्रांसपोर्टनगर सिक्सलेन के निर्माण के चलते धूल उड़ने से राहगीरों के साथ आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। बीच में पानी के छिड़काव से कुछ राहत मिली थी, लेकिन दो दिन से छिड़काव बंद होने से सड़क पर उड़ रही धूल लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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सड़क पर धूल उड़ने से लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिवाली में पटाखों के बारूद से बिगड़ी शहर की हवा धीरे-धीरे पटरी पर आ रही थी। शहर की बिगड़ी प्रदूषण की स्थिति को सुधारने के लिए सड़क पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा था, लेकिन इधर पानी का छिड़काव बंद होने से शहर में प्रदूषण की स्थिति फिर बिगड़ने लगी है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 137 रहा, जो ''''''''मध्यम'''''''' श्रेणी में आता है।
आमतौर पर सर्दियों में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में धूल के कण ऊपर न जाकर नीचे रहने से शहर में प्रदूषण का कारण बने रहते है। इस बीच दिवाली में पटाखों के बारूद से शहर की हवा को खराब कर दिया था। दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को एक्यूआई 300 दर्ज किया गया था। दिवाली के तीन-चार दिन बाद से प्रदूषण के स्तर में धीरे-धीरे सुधार आया। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रशासन भी गंभीर था और शहर में निर्माण कार्य वाले स्थलों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा था। परिणाम स्वरूप तीन दिन पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 115 तक पहुंच गया था। लेकिन इधर स्तर में फिर बढ़ोतरी होने से हवा प्रदूषित होने लगी है।
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सिक्सलेन पर धूल उड़ने से परेशान रहे राहगीर
पैडलेगंज-ट्रांसपोर्टनगर सिक्सलेन के निर्माण के चलते धूल उड़ने से राहगीरों के साथ आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। बीच में पानी के छिड़काव से कुछ राहत मिली थी, लेकिन दो दिन से छिड़काव बंद होने से सड़क पर उड़ रही धूल लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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