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विधायक फतेह बहादुर सिंह प्रकरण: एसटीएफ को सीडीआर से मिला सुराग, कुछ संदिग्धों से हो सकती है पूछताछ
Tue, 13 Aug 2024 11:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2024 11:54 AM IST
सार
कैंपियरगंज विधायक की शिकायत के बाद उनकी हत्या की साजिश रचने की कहानी पहुंचाने वाले शख्स पर भी टीम की नजर है। इस मामले से जुड़े हर व्यक्ति की एसटीएफ गहनता से जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो एसटीएफ ने अपने मुखबिर पीपीगंज और कैंपियरगंज इलाके में लगा दिए हैं, जिनके जरिए उन्हें संदिग्धों की हर गतिविधियों की जानकारी मिल रही है।
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कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह की ओर से खुद की हत्या की साजिश का आरोप लगाकर की गई शिकायत की जांच कर रही एसटीएफ को कुछ संदिग्धों के सीडीआर से अहम सुराग हाथ लगे हैं। इनमें कई संदिग्ध शहर छोड़कर दूसरे जिले में शरण लिए हुए हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में एसटीएफ बहुत जल्द संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ कर सकती है। उनकी हर गतिविधियों पर टीम की नजर बनी हुई है।
कैंपियरगंज विधायक की शिकायत के बाद उनकी हत्या की साजिश रचने की कहानी पहुंचाने वाले शख्स पर भी टीम की नजर है। इस मामले से जुड़े हर व्यक्ति की एसटीएफ गहनता से जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो एसटीएफ ने अपने मुखबिर पीपीगंज और कैंपियरगंज इलाके में लगा दिए हैं, जिनके जरिए उन्हें संदिग्धों की हर गतिविधियों की जानकारी मिल रही है।
इसे लेकर जेल में बंद बदमाशों की भी मदद ली जा रही है। कड़ी से कड़ी जोड़कर टीम इस साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। बहुत जल्द एक बड़ा खुलासा एसटीएफ कर सकती है।
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दरअसल, बीते 18 जुलाई को भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह ने लखनऊ में साजिश की बात कही थी। आरोप लगाया था कि पीपीगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर ने पांच करोड़ में उनकी हत्या कराने की सुपारी दी है। एक करोड़ रुपये चंदा जुटाकर एकत्र किया गया है। आरोप लगाए थे कि साजिशकर्ताओं के बारे में पुलिस को बताने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए उन्हें मीडिया में आना पड़ा।
विधायक के आरोप लगाने से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। डीएम और एसएसपी ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए गंभीरता से जांच कराने की बात कही। इसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। शासन स्तर से जांच एसटीएफ को भी दी गई।
पुलिस ने जांच कर मुख्यालय भेजी रिपोर्ट
कैंपियरगंज से भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह को जान से मारने की साजिश प्रकरण की पुलिस ने जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। इसमें हिस्ट्रीशीट समेत दो लोगों से पूछताछ का हवाला देते हुए पुलिस ने साजिश के साक्ष्य न होने का जिक्र किया है।
पुलिस मुख्यालय को भेजी गई जांच आख्या में बताया गया है कि भाजपा की जिला पंचायत सदस्य सरोज देवी का बेटा और पीपीगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर राजीव रंजन चौधरी पहले विधायक का करीबी था, लेकिन नगर पंचायत चुनाव के बाद से अलग हो गया। वर्तमान में विधायक से उसका मनमुटाव चलता है। आशंका है कि इसी वजह से संदेह हुआ होगा।
विधायक फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि एसटीएफ मामले की जांच कर रही है, हमें एसटीएफ पर पूरा भरोसा है कि जांच में सच सामने आएगा। हमने शिकायती पत्र के साथ सारे साक्ष्य भी दिए थे। पुलिस की जांच पर हमें कुछ नहीं कहना है। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने दीजिए, हकीकत सामने आ जाएगी।
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कैंपियरगंज विधायक की शिकायत के बाद उनकी हत्या की साजिश रचने की कहानी पहुंचाने वाले शख्स पर भी टीम की नजर है। इस मामले से जुड़े हर व्यक्ति की एसटीएफ गहनता से जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो एसटीएफ ने अपने मुखबिर पीपीगंज और कैंपियरगंज इलाके में लगा दिए हैं, जिनके जरिए उन्हें संदिग्धों की हर गतिविधियों की जानकारी मिल रही है।
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इसे लेकर जेल में बंद बदमाशों की भी मदद ली जा रही है। कड़ी से कड़ी जोड़कर टीम इस साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। बहुत जल्द एक बड़ा खुलासा एसटीएफ कर सकती है।
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दरअसल, बीते 18 जुलाई को भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह ने लखनऊ में साजिश की बात कही थी। आरोप लगाया था कि पीपीगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर ने पांच करोड़ में उनकी हत्या कराने की सुपारी दी है। एक करोड़ रुपये चंदा जुटाकर एकत्र किया गया है। आरोप लगाए थे कि साजिशकर्ताओं के बारे में पुलिस को बताने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए उन्हें मीडिया में आना पड़ा।
विधायक के आरोप लगाने से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। डीएम और एसएसपी ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए गंभीरता से जांच कराने की बात कही। इसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। शासन स्तर से जांच एसटीएफ को भी दी गई।
पुलिस ने जांच कर मुख्यालय भेजी रिपोर्ट
कैंपियरगंज से भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह को जान से मारने की साजिश प्रकरण की पुलिस ने जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। इसमें हिस्ट्रीशीट समेत दो लोगों से पूछताछ का हवाला देते हुए पुलिस ने साजिश के साक्ष्य न होने का जिक्र किया है।
पुलिस मुख्यालय को भेजी गई जांच आख्या में बताया गया है कि भाजपा की जिला पंचायत सदस्य सरोज देवी का बेटा और पीपीगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर राजीव रंजन चौधरी पहले विधायक का करीबी था, लेकिन नगर पंचायत चुनाव के बाद से अलग हो गया। वर्तमान में विधायक से उसका मनमुटाव चलता है। आशंका है कि इसी वजह से संदेह हुआ होगा।
विधायक फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि एसटीएफ मामले की जांच कर रही है, हमें एसटीएफ पर पूरा भरोसा है कि जांच में सच सामने आएगा। हमने शिकायती पत्र के साथ सारे साक्ष्य भी दिए थे। पुलिस की जांच पर हमें कुछ नहीं कहना है। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने दीजिए, हकीकत सामने आ जाएगी।