{"_id":"6a5d3321a71ccd89390bcb27","slug":"statements-of-prisoners-along-with-those-of-the-prison-guards-will-also-be-recorded-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1062-1391650-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: जिला जेल में हिस्ट्रीशीटर की खुदकुशी के मामले की होगी न्यायिक जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: जिला जेल में हिस्ट्रीशीटर की खुदकुशी के मामले की होगी न्यायिक जांच
विज्ञापन
गोरखपुर। जिला कारागार में हिस्ट्रीशीटर शौकत अफरोज उर्फ राजू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की अब न्यायिक जांच कराई जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से नामित मजिस्ट्रेट पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कर यह पता लगाएंगे कि आखिर किन परिस्थितियों में बंदी ने बैरक में फंदा लगाकर जान दी।
जांच के दौरान घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद बंदी रक्षकों के साथ ही उसी बैरक में निरुद्ध कैदियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही यह भी खंगाला जाएगा कि घटना से पहले शौकत की गतिविधियां कैसी थीं, वह किसी मानसिक तनाव में था या किसी बंदी से उसका विवाद हुआ था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना (हैंगिंग) बताया गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर कुशीनगर जिले के कप्तानगंज स्थित अपने घर चले गए।
विज्ञापन
घटना के बाद शाहपुर थाना पुलिस ने भी जेल पहुंचकर बैरक में मौजूद बंदियों से पूछताछ की थी। न्यायिक जांच में इन सभी पहलुओं की दोबारा पड़ताल की जाएगी। शौकत अफरोज को जीआरपी ने 29 जून को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया था। न्यायालय के आदेश पर उसे जिला कारागार भेजा गया था, जहां शुक्रवार को उसका शव बैरक में फंदे से लटका मिला।
विज्ञापन
जांच के दौरान घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद बंदी रक्षकों के साथ ही उसी बैरक में निरुद्ध कैदियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही यह भी खंगाला जाएगा कि घटना से पहले शौकत की गतिविधियां कैसी थीं, वह किसी मानसिक तनाव में था या किसी बंदी से उसका विवाद हुआ था।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना (हैंगिंग) बताया गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर कुशीनगर जिले के कप्तानगंज स्थित अपने घर चले गए।
विज्ञापन
घटना के बाद शाहपुर थाना पुलिस ने भी जेल पहुंचकर बैरक में मौजूद बंदियों से पूछताछ की थी। न्यायिक जांच में इन सभी पहलुओं की दोबारा पड़ताल की जाएगी। शौकत अफरोज को जीआरपी ने 29 जून को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया था। न्यायालय के आदेश पर उसे जिला कारागार भेजा गया था, जहां शुक्रवार को उसका शव बैरक में फंदे से लटका मिला।