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Hindu Yuva Vahini: हिंदू युवा वाहिनी की प्रदेश, जिला और महानगर इकाइयां भंग, सीएम योगी हैं संरक्षक
Wed, 03 Aug 2022 04:36 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Wed, 03 Aug 2022 04:36 PM IST
सार
संगठन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस संगठन से मिलते-जुलते नाम वाले कई संगठन बन गए थे। इस बीच कई गलत काम किए जाने की भी शिकायत मिली थी। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष राकेश राय थे जबकि प्रदेश महामंत्री डॉ. पीके मल्ल थे।
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हिंदू युवा वाहिनी के संरक्षक योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश में हिंदू युवा वाहिनी की प्रदेश, जिला व महानगर की सभी इकाइयां भंग कर दी गई हैं। वर्ष 2002 में इस संगठन का गठन किया गया था और इसके संरक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। बताया जा रहा है कि वर्तमान में देशभर में 20 से ज्यादा संगठन इसी नाम से सक्रिय हो गए हैं। संगठन के नाम पर तमाम तरह के गलत काम किए जा रहे थे। अब इन संगठनों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद नए सिरे से गठन किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री से हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने शिकायत भी की थी कि संगठन के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है। अब पदाधिकारियों ने बैठक कर संगठन को भंग करने का निर्णय लिया है। हियुवा के प्रदेश महामंत्री रहे ई. पीके मल्ल ने बताया कि वाहिनी के संरक्षक योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद संगठन के नाम के दुरुपयोग की निरंतर जानकारी मिल रही थी।
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उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में 20 से अधिक संगठन, हिंदू युवा वाहिनी के नाम पर संचालित हो रहे हैं। सदस्यता देने के नाम पर धन वसूलने की शिकायतें भी सामने आ रही थीं। ऐसे में बहुत से गलत लोग भी संगठन का सदस्य होने का दावा करने लगे थे और इसका फायदा उठाने लगे थे। प्रदेश पदाधिकारियों ने पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है। पुनर्गठन से पहले सभी इकाइयां भंग कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री का जैसा निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
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नौ वर्षों में पूरे प्रदेश में खड़ा हो गया था संगठन
हिंदू युवा वाहिनी का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में किया था। मुख्यमंत्री उस समय गोरखपुर के सांसद थे। नौ वर्षों में इसका विस्तार प्रदेश के सभी जिलों किया गया और एक मजबूत संगठन के रूप में काम करने लगा। संगठन के भंग होने के पहले तक प्रदेश अध्यक्ष राकेश राय और प्रदेश महामंत्री के तौर पर ई. पीके मल्ल काम कर रहे थे।
संगठन के गठन के पीछे उनका उद्देश्य सामाजिक समरसता और हिंदुत्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। वाहिनी के मूल कार्यकर्ता संगठन के संस्थापक और संरक्षक योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काम करते रहे हैं। विधानसभा से लोकसभा तक के चुनाव में वाहिनी के कार्यकर्ता भाजपा के पक्ष में पूरी ताकत से जुटते रहे हैं।