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राजकीय बौद्ध संग्रहालय: प्राचीन मूर्तियां, सिक्के व पांडुलिपि करती है आकर्षित
Thu, 18 May 2023 10:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2023 10:13 AM IST
सार
डॉ. मनोज गौतम ने बताया कि संग्रहालय के पांच वीथिकाओं में प्रदर्शन का कार्य किया गया है। प्रथम वीथिका बौद्ध धर्म के प्रख्यात विद्वान महापंडित राहुल सांकृत्यायन को समर्पित है, जिसमें भगवान बुद्ध के विविध स्वरूपों एवं मुद्राओं का प्रदर्शन किया गया है। द्वितीय पुरातत्व वीथिका में प्रस्तर और मृण कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शन किया गया है।
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय : प्राचीन मूर्तियां, सिक्के व पांडुलिपि करती है आकर्षित
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर शहर में स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय नव पाषाण काल से लेकर आधुनिक काल तक की पुरा संपदाओं से समृद्ध है। यहां पर पत्थर की प्राचीन मूर्तियाें, सिक्कों, पांडुलिपियों, लघुचित्र, थांका चित्रकला और आभूषणों का अद्भुत संग्रह है। जो लोगों को खूब आकर्षित करती है।
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. मनोज गौतम ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की बहुमूल्य सांस्कृतिक संपदा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से 23 अप्रैल 1987 को राजकीय बौद्ध संग्रहालय की स्थापना की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश का गोरखपुर परिक्षेत्र जैन और बौद्ध धर्म का प्रमुख स्थल के साथ ही साथ मौर्य, शुंग, कुषाण व गुप्त साम्राज्य का अभिन्न सं अंग रहा है।
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संग्रहालय में हैं पांच वीथिकाएं : उप निदेशक
डॉ. मनोज गौतम ने बताया कि संग्रहालय के पांच वीथिकाओं में प्रदर्शन का कार्य किया गया है। प्रथम वीथिका बौद्ध धर्म के प्रख्यात विद्वान महापंडित राहुल सांकृत्यायन को समर्पित है, जिसमें भगवान बुद्ध के विविध स्वरूपों एवं मुद्राओं का प्रदर्शन किया गया है। द्वितीय पुरातत्व वीथिका में प्रस्तर और मृण कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शन किया गया है। तृतीय वीथिका कला के विविध आयाम विभिन्न धातु और हाथी दांत के माध्यम से प्रदर्शन किया गया है। चतुर्थ चित्रकला वीथिका है जो लघु चित्र और थांका पेटिंग के माध्यम से प्रदर्शित की गई है।
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15 करोड़ रुपये से हो रहा संग्रहालय का कायाकल्प
दर्शकों को प्रभावित करने के लिए राजकीय बौद्ध संग्रहालय की वीथिकाओं के आधुनिकीकरण का कार्य पहले से चल रहा है। इसके लिए शासन ने संग्रहालय को दो किश्त में 15 करोड़ रुपये दिए हैं। संग्रहालय प्रशासन के मुताबिक यह कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही लोग संग्रहालय में मौजूद पुरातन संपदाओं को करीब से देख सकेंगे।
शहर को जल्द मिलेगा गौरव संग्रहालय
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को गौरव का अहसास कराने के लिए सिविल लाइंस में पुलिस लाइंस के सामने गौरव संग्रहालय होने जा रहा है। 1.6 एकड़ क्षेत्र में तीन तल में बनने वाले इस संग्रहालय की अनुमानित लागत 24.5 करोड़ रुपये है। गौरव संग्रहालय का भवन स्थानीय कला, संस्कृति, वास्तुकला, शिल्प, सौंदर्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
शहर को जल्द मिलेगा गौरव संग्रहालय
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को गौरव का अहसास कराने के लिए सिविल लाइंस में पुलिस लाइंस के सामने गौरव संग्रहालय होने जा रहा है। 1.6 एकड़ क्षेत्र में तीन तल में बनने वाले इस संग्रहालय की अनुमानित लागत 24.5 करोड़ रुपये है। गौरव संग्रहालय का भवन स्थानीय कला, संस्कृति, वास्तुकला, शिल्प, सौंदर्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।