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स्टांप जालसाजी : 17 लोग जांच के दायरे में…नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

Sun, 04 Feb 2024 03:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Feb 2024 03:44 AM IST
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Stamp fraud: 17 people under investigation...Police are scanning the network
मास्टरमाइंड जेल में, साथियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही पुलिस
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दूसरे जिले के सात लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज चुकी है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फर्जी स्टांप प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के हाथ 17 संदिग्धों के नाम लगे हैं। पुलिस एक-एक कर सभी से पूछताछ कर जांच को आगे बढ़ा रही है। इसमें सात लोग दूसरे जिले के रहने वाले हैं। यही वजह है कि एसआईटी इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी है। मास्टरमाइंड रविदत्त मिश्रा को पुलिस ने जेल भेजवा चुकी है। पुलिस पहले इस गिरोह में शामिल होने की आशंका में सामने आए लोगों से पूछताछ करने के साथ ही साक्ष्य संकलन करने लगी है। खबर है कि जल्द ही एसआईटी पूरे गिरोह में शामिल आरोपियों को दबोच कर पर्दाफाश कर लेगी।
जानकारी के मुताबिक, फर्जी स्टांप का मामला सामने के बाद से ही पुलिस इसकी तह तक जाने के लिए गहराई से जांच कर रही है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने पहले जांच को एसआईटी और फिर अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर इसे एसआर केस भी घोषित कर दिया। अब एसआईटी एक-एक कदम साक्ष्यों के साथ आगे बढ़ा रही है। एसआईटी को मास्टरमाइंड से पूछताछ और वेंडरों की जांच में जो साक्ष्य अब तक मिले हैं, उसमें 17 लोग संदेह के घेरे में है। इसमें वह लोग भी शामिल हैं, जो हो सकता है कि गिरोह में नहीं हैं, लेकिन अंजाने में ही सही ये भी कभी न कभी फर्जी स्टांप का इस्तेमाल किए हैं।
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दरअसल, मास्टरमाइंड रविदत्त मिश्र ने पुलिस की पूछताछ में तीन माफिया के नाम उगले थे। इन तीनों से पूछताछ के बाद ही अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस नोटिस भेजकर सबको पूछताछ के लिए बुला रही है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
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यह हुआ था
10 जनवरी को हुमायूंपुर दक्षिणी, दुर्गाबाड़ी रोड निवासी राजेश मोहन ने शिकायत की थी। उनका कहना है कि सहायक महानिरीक्षक निबंधन, गोरखपुर के कार्यालय में 28 फरवरी 2023 को ऑनलाइन आवेदन द्वारा भारतीय कोर्ट फीस 53 हजार का स्टांप रिफंड के लिए आवेदन किया था। अधिवक्ता की मदद से आवेदन करने पर पता चला कि स्टांप ही फर्जी है। महज तीन हजार का स्टांप सही पाया गया, बाकी 50 हजार का फर्जी था। डीएम के आदेश पर नासिक भी पत्र भेजकर इसके फर्जी होने की पुष्टि करा ली गई। इसके बाद ही पुलिस केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।


कोट
एसआईटी पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस जांच व साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जो भी लोग इस गिरोह में शामिल हैं, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर कार्रवाई करेगी।
- कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
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