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खिलाड़ियों की प्रैक्टिस 'संक्रमित': गोरखपुर में स्पोर्ट्स कॉलेज पिछला सत्र शून्य, वर्तमान कगार पर
Tue, 07 Sep 2021 01:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 07 Sep 2021 01:06 PM IST
सार
जनवरी में शुरू होती है चयन प्रक्रिया, अप्रैल से चलता है सत्र। डेढ़ साल से स्पोर्ट्स कॉलेज में नहीं चल रहा खेलों का प्रशिक्षण।
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वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना महामारी के चलते सूबे के तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों में शुमार गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस ‘संक्रमित’ हो गई है। डेढ़ वर्षों से स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रैक्टिस और अध्यापन कार्य बंद होने से खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठे-बैठे खिलाड़ी ओवरएज हो रहे हैं। वहीं पिछले सत्र में कोरोना की वजह से प्रवेश नहीं लिया गया था। वर्तमान सत्र भी उसी राह पर है।
शासन स्तर से स्पोर्ट्स कॉलेज को संचालित करने के लिए मंथन किया जा रहा है। स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्यों से इसे लेकर सुझाव भी मांगे गए। मगर, उसके बाद भी इन्हें खोलने की योजना पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अमूमन स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया जनवरी में शुरू होती है। कई चरण में आयोजित होने वाली प्रवेश प्रक्रिया को मार्च तक पूरा कर अप्रैल से सत्र की शुरुआत की जाती है। बावजूद इसके अभी तक सत्र 2021-22 में प्रवेश को लेकर कोई कार्यक्रम खेल विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है। जबकि, प्रदेश के अंदर कक्षा एक से लेकर बारहवीं की तक की कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है।
इन खेलों का होता प्रशिक्षण
स्पोर्ट्स कॉलेज में बालक/ बालिका कुश्ती, वॉलीबाल, जिमनास्टिक के साथ केवल लड़कियों के लिए हॉकी खेल का प्रशिक्षण दिया जाता है। गोरखपुर के अलावा प्रदेश के सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज और गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ में खिलाड़ियों के लिए आवासीय व्यवस्था के साथ-साथ शिक्षण और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है।
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शासन स्तर से स्पोर्ट्स कॉलेज को संचालित करने के लिए मंथन किया जा रहा है। स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्यों से इसे लेकर सुझाव भी मांगे गए। मगर, उसके बाद भी इन्हें खोलने की योजना पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अमूमन स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया जनवरी में शुरू होती है। कई चरण में आयोजित होने वाली प्रवेश प्रक्रिया को मार्च तक पूरा कर अप्रैल से सत्र की शुरुआत की जाती है। बावजूद इसके अभी तक सत्र 2021-22 में प्रवेश को लेकर कोई कार्यक्रम खेल विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है। जबकि, प्रदेश के अंदर कक्षा एक से लेकर बारहवीं की तक की कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है।
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इन खेलों का होता प्रशिक्षण
स्पोर्ट्स कॉलेज में बालक/ बालिका कुश्ती, वॉलीबाल, जिमनास्टिक के साथ केवल लड़कियों के लिए हॉकी खेल का प्रशिक्षण दिया जाता है। गोरखपुर के अलावा प्रदेश के सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज और गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ में खिलाड़ियों के लिए आवासीय व्यवस्था के साथ-साथ शिक्षण और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है।
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247 से 199 हुई खिलाड़ियों की संख्या
वर्ष 2020 में कोरोना काल के पहले स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या 247 थी। मगर, दो वर्षों से प्रवेश न होने के चलते यहां के बच्चे आगे की कक्षाओं में तो चले गए, मगर खाली पड़ी सीटों पर प्रवेश नहीं हुआ। जिस वजह से विद्यार्थियों की संख्या अब 199 रह गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्टोटर्फ और प्रदेश के पहले रेसलिंग हाल से है सुसज्जित
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के अंदर आठ करोड़ से अधिक की धनराशि से हॉकी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्टोटर्फ तैयार कराया गया है। वहीं कुश्ती के लिए तीन मैट वाले प्रदेश के पहले रेसलिंग हॉल का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा किया जा चुका है।
मल्टीपरपज हाल और हॉकी पवेलियन का चल रहा निर्माण
खेलो इंडिया के अंतर्गत स्पोर्ट्स कॉलेज में 10 करोड़ रुपये से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टीपरपज हॉल का निर्माण हो रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने से सभी प्रकार के इंडोर खेलों का आयोजन स्पोर्ट्स कॉलेज में हो सकेगा। वहीं हॉकी के लिए आठ करोड़ रुपये से अंतरराष्ट्रीय स्तर का पवेलियन निर्माण कार्य भी गतिमान है।
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य आरपी सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज के संचालन को लेकर शासन स्तर से निर्देश का इंतजार है। इसे खोलने के शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। हमारी तैयारियां पूरी हैं। निर्देश मिलते ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्टोटर्फ और प्रदेश के पहले रेसलिंग हाल से है सुसज्जित
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के अंदर आठ करोड़ से अधिक की धनराशि से हॉकी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्टोटर्फ तैयार कराया गया है। वहीं कुश्ती के लिए तीन मैट वाले प्रदेश के पहले रेसलिंग हॉल का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा किया जा चुका है।
मल्टीपरपज हाल और हॉकी पवेलियन का चल रहा निर्माण
खेलो इंडिया के अंतर्गत स्पोर्ट्स कॉलेज में 10 करोड़ रुपये से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टीपरपज हॉल का निर्माण हो रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने से सभी प्रकार के इंडोर खेलों का आयोजन स्पोर्ट्स कॉलेज में हो सकेगा। वहीं हॉकी के लिए आठ करोड़ रुपये से अंतरराष्ट्रीय स्तर का पवेलियन निर्माण कार्य भी गतिमान है।
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य आरपी सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज के संचालन को लेकर शासन स्तर से निर्देश का इंतजार है। इसे खोलने के शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। हमारी तैयारियां पूरी हैं। निर्देश मिलते ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा।