फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   special story of vikas bharti school in Gorakhpur

गोरखपुर में इस स्कूल में गलती करने पर मिलती है अनोखी 'सजा', जानिए कैसे

Sun, 07 Jun 2020 03:30 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 07 Jun 2020 03:30 PM IST
सार

  •  सजा के नाम पर बच्चों में बढ़ाई जाती है रचनात्मकता
  • किसी टॉपिक पर लिखने का मिलता है काम, खेलने या टीवी देखते समय करना होता पूरा

विज्ञापन
special story of vikas bharti school in Gorakhpur
विकास भारती स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

विकास भारती स्कूल में विद्यार्थियों को किसी गलती की अनोखी 'सजा' दी जाती है। सजा ऐसी जिससे बच्चों में रचनात्मकता का विकास होता है। उनका शब्दों के बारे में ज्ञान बढ़ता है। किसी विषय में उनकी समझ बढ़ती है। साथ ही उन्हें अपनी गलती का एहसास भी होता है। स्कूल प्रशासन का इस बारे में स्पष्ट कहना है कि गलती के लिए सजा देने से बेहतर है किसी को उसकी गलती का एहसास दिलाना।

विज्ञापन


आए दिन स्कूल में गलती करने पर शिक्षकों द्वारा शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की बात सामने आती रहती है। लेकिन शिक्षक को शायद ही इस बात का भान होता है कि इससे बच्चों के मन में कुंठा बैठ जाती है। जरूरी यह होता है कि बच्चे को उसकी गलती को एहसास हो।
विज्ञापन


इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए विकास भारती स्कूल ने छात्र को गलती करने पर डांट डपट भी नहीं की जाती है। कोई छात्र किसी तरह की गलती करता है तो सजा के तौर पर उसे किसी ऐसे शब्द को पांच सौ बार लिखने को दिया जाता है जो बहुत ही असामान्य हो। इससे न सिर्फ बच्चों का शब्दकोष बढ़ता है बल्कि हैंडराइटिंग भी अच्छी होती है। इसके अलावा बच्चों को किसी खास टॉपिक पर 500 शब्दों में लिखने को दिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

टीवी देखने का या खेल के समय करना होता है काम

सजा पर दिए गए इस काम को बच्चों को रेस्ट ऑवर में या टीवी देखने के समय करना होता है। इस टॉपिक को शिक्षक देखते हैं और फिर उसमें सुधार करते हैं। बच्चों को उनकी कमियां बताई जाती है और बेहतर ढंग से लिखने संबंधी टिप्स भी दिए जाते हैं।

विकास भारती स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. एके पांडेय ने कहा कि मारने पीटने से किसी को आप उसकी गलती का एहसास शायद ही दिला सकें। हमारा विद्यालय गुरुकुल पद्धति पर आधारित यहां पढ़ने वाले 400 बच्चों के माता पिता हम खुद हैं। इसलिए गलती पर उन्हें रचनात्मकता से जुड़े कामों में लगाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed