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आयुष्मान योग में बहनें, भाइयों की कलाई पर बांधेगी राखी, जानिए क्या है इस बार खास

Mon, 20 Jul 2020 01:22 PM IST
vivek shukla धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता, निचलौल।
धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता, निचलौल। Published by: vivek shukla Updated Mon, 20 Jul 2020 01:22 PM IST
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Special story of Raksha Bandhan 2020
raksha bandhan - फोटो : अमर उजाला।

श्रावण पूर्णिमा पर सावन के अंतिम सोमवार पर रक्षाबंधन का संयोग बन रहा है। भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन इस बार बेहद खास होगा। क्योंकि इस बार न ग्रहण की छाया है न भद्रा की दीर्घकालिक झंझट। इसलिए आयुष्मान योग में बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधेगी।

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ज्योतिषाचार्य पंडित जोखन शास्त्री का कहना है कि राखी बांधने के लिए तीन अगस्त दिन सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे के बाद दिन भर का समय मिल रहा है। भद्रा दो अगस्त दिन रविवार की रात्रि साढ़े आठ बजे से शुरू होकर तीन अगस्त की सुबह साढ़े आठ बजे तक है। इसलिए सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे से दिन भर रक्षाबंधन मनाया जाएगा। दिन में 7:49 बजे से दीर्घायु कारक आयुष्मान योग लग रहा है। जो इस वर्ष रक्षाबंधन में विशेष संयोग बना रहा है।
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ज्योतिषाचार्य राजू पांडेय का कहना है कि व्रती को चाहिए कि उस दिन प्रातः स्नान आदि करके वेदोक्त विधि से रक्षाबंधन,पित्र दर्पण और ऋषि पूजन करें। रेशम आदि की रक्षा बनावें। उसमें सरसों,सुवर्ण,केसर,चंदन,अक्षत और दूर्वा रखकर रंगीन सूत के डोरे में बांधे अपने मकान के शुद्ध स्थान पर कलश की स्थापना करके उसपर उसका यथा विधि पूजन करें। फिर उसे बहन भाई को दाहिने हाथ में येन बद्दोबली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल, के मंत्र से बांधे। रक्षाबंधन से वर्ष भर तक पुत्र पौत्रादि सभी सुखी रहते है।

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कोरोना काल में बहनें भेज रही है ऑनलाइन राखी

Special story of Raksha Bandhan 2020
raksha bandhan varanasi - फोटो : raksha bandhan varanasi

कोरोना महामारी में जहां आने जाने और मिलने जुलने से परहेज किया जा रहा है। वही राखी की त्योहार को लेकर भी ऐसा ही एक परिवर्तन देखा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते कई बहनें अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधने के लिए उनके पास न पहुंच पाने की उम्मीद से उनके पास ऑनलाइन गिफ्ट और राखी भेज रही है।

ऑनलाइन राखी भेजने वाली नगर के कृष्णा नगर वार्ड निवासनी आशा पांडेय कहती है कि कोरोना संक्रमण के दौर में ऑनलाइन राखी खरीदना और भेजना दोनों जरूरी है। इससे बाजार में राखी के लिए भटकना और पोस्ट आफिस जाकर पोस्ट करने की जरूरत भी नही है। इससे बहुत हद तक हम संक्रमण से खुद को बचा सकते है। राखी के साथ तिलक के समान, राखी थाली और मिठाई के रूप में चॉकलेट आदि भेज सकते है।

वही मड़वाडी वार्ड निवासी मधु तिवारी का कहना है कि कोरोना काल में कई दुकानदार अपनी ट्रेड को बदल दिया है। अब वह अपने कस्टमर को ऑनलाइन शॉपिंग का विकल्प दे रहे है। इसमें वह राखी की ऑनलाइन शॉपिंग करने के बाद उसे तयशुदा पते पर भेजने की सुविधा भी दे रहे है।

 

मंहगी पड़ रही है ई-राखी

Special story of Raksha Bandhan 2020
राखी खरीदती युवतियां। - फोटो : अमर उजाला

ऑनलाइन बुकिंग में हर प्रकार की राखियां मौजूद है। वही इंटरनेट पर राखी की कई डिजाइनें उपलब्ध है। लेकिन बाजार में  इस बार भाई बहनों को तस्वीर वाली कस्टमाइज राखी ट्रेड कर रही है। नगर के डीटीसी कोरियर सेवा सर्विस के संचालक यतेंद्र पाठक ने बताया कि अलग-अलग कपनियां ऐसी राखी 120 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक में भाइयों के पास पहुंचा रही है।

इसमें राखी भेजने वाली बहनों को अपने भाई के साथ तस्वीर अपलोड करने का विकल्प दिया जा रहा है। इसी तस्वीर को लगाकर तैयार राखी भाइयों तक पहुंचाई जा रही है। जगह के हिसाब से कंपनियां बुकिंग के बाद डिलेवरी का अलग-अलग समय दे रहीं है। समय से भाइयों तक राखी पहुंच जाए इसके लिए बहने अभी से राखी भेजना शुरू कर दिया है। हालांकि बहनों को इसके लिए बाजार से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।

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