गीता प्रेस: कल्याण का विशेषांक 'कृपानुभूति' छपकर तैयार, रोज आठ से दस हजार प्रतियां होंगी डिस्पैच
1.85 लाख पाठक कल्याण के हैं। ऐसे में प्रतिदिन आठ से 10 हजार प्रतियां डिस्पैच होंगी।
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गीताप्रेस से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ का विशेषांक ‘कृपानुभूति’ अंक छपकर तैयार है। इसके डिस्पैच की प्रक्रिया 20 जनवरी से शुरू कर दी जाएगी। गीता प्रेस प्रबंधन ने प्रतिदिन आठ से 10 हजार प्रतियों के डिस्पैच का लक्ष्य रखा है। जो डाक के माध्यम से कल्याण के 1.85 लाख पाठकों तक पहुंचाई जाएगी।
कल्याण के ‘कृपानुभूति’ अंक में कृपानुभूति शब्द का अर्थ, प्रकार, पात्रता, गणेश, शिव, शक्ति, विष्णु आदि पंचदेवों की कृपा संबंधित अनुभूतियों का वर्णन है। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत महापुराण, महाभारत, श्रीरामचरितमानस, आनंद रामायण, गर्ग संहिता, संत साहित्य एवं लोक साहित्य से भगवत्कृपा अनुभूति से संबंधित लेख व आम पाठकों की अनुभूति से संबंधित लेखों को इस विशेषांक में शामिल किया गया है। विशेषांक 500 पेज का होगा। इसमें आठ आर्ट पेपर लगाए लगाए जाएंगे, जिन पर भगवान के रंगीन चित्र होंगे।
पांच सालों से कीमत में बदलाव नहीं
पांच सालों से कल्याण की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 250 रुपये में विशेषांक सहित पूरे वर्ष के सभी 11 साधारण अंक पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें डाक खर्च भी शामिल है।
गीता प्रेस प्रबंधक लालमणि तिवारी ने कहा कि कल्याण का वार्षिक विशेषांक छपकर तैयार है। 20 जनवरी से 1.85 लाख पाठकों तक डाक के माध्यम से इसके डिस्पैच की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एक दिन में आठ से 10 हजार पाठकों तक इसे प्रेषित करने का लक्ष्य रखा गया है।