गीताप्रेस की तैयारियां पूरी: शिव महापुराण का विशिष्ट अंक छपकर तैयार, अब PM मोदी का इंतजार
गोरखपुर से चलने वाली पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की तैयारियां तेज हो गई हैं। सात जुलाई को प्रधानमंत्री इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ट्रेन चलाने के लिए चेन्नई की कोच फैक्ट्री से बृहस्पतिवार को बोगियां गोरखपुर के लिए रवाना हो गईं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर गीताप्रेस ने अपनी तैयारी कर ली है। शिव महापुराण का विशिष्ट अंक छपकर तैयार हो गया है। 200 रंगीन शिव लीला चित्रों वाले इस विशिष्ट अंक का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र करेंगे। 1,088 पृष्ठ की इस पुस्तक का मूल्य 1,500 रुपये रखा गया है। पहले संस्करण में पांच हजार पुस्तकें प्रकाशित की गई हैं।
गीता प्रेस के प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने बताया कि 200 रंगीन लीला चित्रों के साथ आर्ट पेपर पर शिव महापुराण के प्रकाशन पहली बार हुआ है। हनुमान चालीसा को पहली बार आर्ट पेपर पर चित्रों के साथ छापा गया था। अब इसके बाद श्रीमद्भागवत गीता, रामचरितमानस, दुर्गा सप्तशती, सुंदर कांड और शिव पुराण को छापा गया है।
बताया कि शिव महापुराण की अब तक 22.5 लाख से अधिक प्रतियां हिंदी, गुजराती, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, तमिल और उड़िया भाषा में प्रकाशित हो चुकी हैं। गीता प्रेस से अब तक सात भाषाओं में शिव महापुराण का प्रकाशन हो चुका है। इनमें सबसे ज्यादा हिंदी, दूसरे स्थान पर गुजराती भाषा की प्रतियां छापी गई हैं।
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वंदे भारत एक्सप्रेस को भी दिखानी है हरी झंडी
गोरखपुर से चलने वाली पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की तैयारियां तेज हो गई हैं। सात जुलाई को प्रधानमंत्री इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ट्रेन चलाने के लिए चेन्नई की कोच फैक्ट्री से बृहस्पतिवार को बोगियां गोरखपुर के लिए रवाना हो गईं। शनिवार तक इसके यहां पहुंचने की संभावना है। ट्रेन चलाने के लिए अभी कोई रूट और समय तय नहीं है। बताया जा रहा है कि वंदे भारत एक्सप्रेस का पहला रूट गोरखपुर-लखनऊ (वाया अयोध्या) प्रयागराज हो सकता है।
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वंदे भारत को गोरखपुर से लखनऊ होते हुए प्रयागराज तक चलाने की तैयारी है। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। गोरखपुर से ट्रेन दोपहर तीन बजे रवाना होकर शाम 7.20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। लखनऊ से प्रस्थान कर रात 10.50 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। प्रयागराज से यह ट्रेन सुबह 6.20 बजे प्रस्थान करके सुबह 9.50 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यहां से दोपहर 2.20 बजे गोरखपुर आएगी। ब्यूरो
130 की होगी स्पीड, सिग्नल की बढ़ा रहे क्षमता
वंदे भारत ट्रेन चलाने के लिए गोरखपुर-लखनऊ रूट पर ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। इससे इस रूट पर ट्रेनें 110 की जगह 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेंगी। लेकिन, जब तक यह कार्य पूरा नहीं होगा गोरखपुर से लखनऊ तक ट्रेन 110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी।
एनईआर सीपीआरओ पंकज सिंह ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली रैक मिल चुकी है। इसके गोरखपुर आते ही ट्रेन के संचालन का ट्रायल किया जाएगा।
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रेलवे स्टेशन भवन के पुनर्विकास योजना का होगा शिलान्यास
गोरखपुर रेलवे स्टेशन भवन के पुनर्विकास योजना का भी प्रधानमंत्री शिलान्यास कर सकते हैं। रेलवे स्टेशन को आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। भवन के पुनर्विकास योजना की नई डिजाइन और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को रेल प्रशासन ने रेलवे बोर्ड को भेज दी है। अब निर्माण कार्य की लागत 612 करोड़ रुपये से बढ़कर 693 करोड़ हो गई है।
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सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन का भी होगा शिलान्यास
सहजनवां से दोहरीघाट के बिछाई जाने वाली नई रेल लाइन का भी शिलान्यास प्रधानमंत्री कर सकते हैं। इस रेल लाइन को बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन को चार साल में बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा होगा। पहला चरण मार्च-24 में पूरा होगा। इसमें सहजनवा से बैदौली तक 27 किलोमीटर तक रेल लाइन बिछाई जाएगी।
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कृषि विश्वविद्यालय का भी होगा शिलान्यास
कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री के हाथों शिलान्यास होगा। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री इसके लिए कुशीनगर जाएंगे या गीता प्रेस में होने वाले कार्यक्रम से ही शिलान्यास कर देंगे यह तय नहीं है। प्रशासन के मुताबिक दो दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी।