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Gorakhpur News:इंसेफेलाइटिस की तर्ज पर ही नियंत्रित किए जाएंगे अन्य संचारी रोग, अभियान में लिया गया फैसला
Tue, 01 Oct 2024 05:59 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 01 Oct 2024 05:59 PM IST
सार
प्रदेश सरकार के इस संदेश के साथ सोमवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ एनेक्सी भवन से पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी, गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह और सांसद प्रतिनिधि समरेंद्र विक्रम सिंह ने किया। इस अभियान में 11 अक्तूबर से घर-घर दस्तक कार्यक्रम चलेगा।
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विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार के प्रयासों के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता से इंसेफेलाइटिस नियंत्रित हुआ है। अब अन्य संचारी रोगों पर भी नियंत्रण पाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में जनजागरूकता और साफ सफाई का विशेष महत्व है।
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प्रदेश सरकार के इस संदेश के साथ सोमवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ एनेक्सी भवन से पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी, गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह और सांसद प्रतिनिधि समरेंद्र विक्रम सिंह ने किया।
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इस अभियान में 11 अक्तूबर से घर-घर दस्तक कार्यक्रम चलेगा, जिसमें आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम बुखार, टीबी, फाइलेरिया, कुष्ठ, मधुमेह, कैंसर और हाइपरटेंशन के मरीज ढूंढेंगी।
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उद्घाटन समारोह में उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं और सफाईकर्मियों समेत अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को इंसेफेलाइटिस उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन उपेंद्र मणि त्रिपाठी ने किया।
इस मौके पर एसीएमओ डॉ एके चौधरी, डॉ वीपी पांडेय, डीटीओ डॉ गणेश यादव, डीआईओ डॉ नंदलाल कुशवाहा, नोडल अधिकारी डॉ राजेश, मंडलीय किटविज्ञानी डॉ वीके श्रीवास्तव, डीएमओ अंगद सिंह, डीएचईआईओ केएन बरनवाल, डीडीएचईआईओ सुनीता पटेल, जेई एईएस कंसल्टेंट सिद्धेश्वरी सिंह, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, सीफार, पाथ के प्रतिनिधिगण और आदिल फखर के अलावा मलेरिया, फाइलेरिया, टीबी और कुष्ठ विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।
अब तक एईएस के 44, डेंगू के 63 केस मिले
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि 14 विभाग मिल कर संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज, नगर निकाय, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, कृषि और चिकित्सा शिक्षा समेत 14 विभाग मिलकर अभियान चलाते हैं।
जिले में इस वर्ष एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम(एईएस) के 44 केस निकले हैं, वहीं जापानीज इंसेफेलाइटिस का कोई मामला नहीं मिला है। अभी तक डेंगू के 63 केस मिले हैं। इस साल बुखार के करीब 2.23 लाख रोगियों को ईटीसी या मिनी पीकू से उपचारित करके घर भेजा जा चुका है। जिले में 19 मिनी पीकू, एक पीकू और आठ ईटीसी की व्यवस्था है जहां तीव्र बुखार के रोगियों का उपचार किया जा रहा है।
पहली बार होगी एनसीडी स्क्रीनिंग
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि पहली बार दस्तक अभियान के तहत गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग होगी। इसके तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मधुमेह, हाईपरटेंशन और तीन प्रकार के कैंसर रोगियों को ढूंढेंगी। साथ उन्हें सीबैक फार्म भी भरना होगा। इस बार भी पूर्व की भांति आशा कार्यकर्ता आभा आईडी बनाएंगी।