फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   SP party leaders protest in all tehsils of gorakhpur due to farmer policy, unemployment, law and order

गोरखपुर: सपाइयों की पुलिस से हुई नोकझोंक, पार्टी दफ्तर पर ही रोके गए

Mon, 21 Sep 2020 03:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 21 Sep 2020 03:47 PM IST
सार

  • सदर तहसील जाकर ज्ञापन देना चाहते थे कार्यकर्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पार्टी कार्यालय ही पहुंच गए
  • किसान नीति, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था को लेकर जिले की सभी तहसीलों पर सपा का प्रदर्शन

विज्ञापन
SP party leaders protest in all tehsils of gorakhpur due to farmer policy, unemployment, law and order
सपा का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर सोमवार को प्रदर्शन करने निकले सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने बेतियाहाता स्थित पार्टी कार्यालय पर ही रोक लिया। कार्यकर्ता सदर तहसील पहुंचकर प्रदर्शन व ज्ञापन देना चाहते थे जिसपर उनकी पुलिस से नोंकझोंक भी हुई।

विज्ञापन


ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर ही सपा कार्यकर्ताओं का ज्ञापन ले लिया। उधर, नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर ही प्रदर्शन कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन


पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिले की दूसरी तहसीलों पर भी सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने लिखा है कि पूरे प्रदेश में अराजकता की स्थिति है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और पीड़ितों, बेरोजगारों, किसानों सभी की आवाज लाठी के बल पर दबाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में इलाज की सुचारू व्यवस्था नहीं है। दो मंत्री भी अपनी जान गंवा बैठे हैं जबकि अन्य कई संक्रमित पाए गए हैं। वेंटीलेटर और पीपीई किट का अभाव है। जहां वेंटीलेटर हैं वहां स्टाफ नहीं। किसान बदहाली का शिकार है। सरकार अभी तक गन्ना किसानों का बकाया नहीं दे सकी। खाद- बीज और कीटनाशक का संकट है। बिजली का बिल और डीजल के दाम बढ़ाकर खेती को चौपट किया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहा है। लॉकडाउन में तमाम संस्थानों ने कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। सरकारी नौकरी में पांच साल संविदा की व्यवस्था भी गलत है।

इस दौरान जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी, जियाउल इस्लाम, अखिलेश यादव, डॉ. मोहसिन खान, चंद्रबली यादव, अवधेश यादव, रजनीश यादव, विजय बहादुर यादव, जफर अमीन डक्कू, अमरेन्द्र निषाद, जितेंद्र सिंह, सिहांसन यादव, शहाब अंसारी, शकील अंसारी , राहुल गुप्ता, सुनील सिंह, कपिल मुनि यादव, कालीशंकर, सुनील श्रीवास्तव, अशोक चौधरी, आजम लारी, चर्चिल अधिकारी, गवीश दुबे, बिंदा देवी, आफताब अहमद, शिव शंकर गौड़, शब्बीर कुरेशी, सुशीला भारती, उर्मिला देवी आदि मौजूद रहे।

भाजपा की दमनकारी नीतियों से जनता त्रस्तः नगीना

जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा है कि एक ओर कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की मनमानी कार्यशैली और दमनकारी नीतियों से जनता त्रस्त है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। भ्रष्टाचार पर कोई नियंत्रण नहीं है। बेहाल किसान, बेरोजगारी और अपराध बेलगाम है।

किसान बिल पूरी तरह से किसानों के हितों के खिलाफ है। कोरोना किट की खरीद में घोटाला हुआ है जिसे दबाया जा रहा है। अपराधी बेखौफ हैं। पुलिस प्रशासन उनके सामने असहाय नजर आ रहा है। रोज हत्या, लूट और अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। महिलाएं एवं बच्चियां सुरक्षित नहीं। रोजगार मांगने पर नौजवानों पर पुलिस लाठियां चला रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed