गोरखपुर: ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशी तक न घोषित कर सकी सपा, 2022 में सरकार बनाने का कर रही दावा
पार्टी ने 17 ब्लॉकों में भाजपा प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन के लिए खाली छोड़ दिया मैदान, जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह ब्लॉक प्रमुखी में भी निर्वाचित सदस्य तक को नहीं सहेज सकी।
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यूपी में 2022 में सरकार बनाने का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी, ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में प्रत्याशियों के नाम तक नहीं घोषित कर सकी है। 20 में से 17 विकास खंडों में पार्टी ने एक तरह से भाजपा को वॉक ओवर दे दिया है। छह विकास खंड ऐसे हैं जहां चुनाव की नौबत आई है।
इसमें भी सपा समर्थकों की संख्या कम है। सपा के अंदर खाने से जो जानकारी निकलकर आई है उसके मुताबिक सहजनवां और बेलघाट में ही सपा समर्थक नामांकन करा सके हैं। चार सीटों पर भाजपा के दावेदार ही आमने-सामने हैं।
पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रणनीति तो ब्लॉक प्रमुखी का चुनाव नेतृत्व के अभाव व गुटबाजी के चलते गंवा दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की ही तरह सपा, ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भी अपने निर्वाचित सदस्यों तक को नहीं सहेज सकी। पार्टी के नेताओं ने इसके लिए एकजुटता के साथ प्रयास तक नहीं किया। पार्टी में नेतृत्व की कमी साफ दिखाई पड़ रही है।
जिला कार्यकारिणी करीब पखवारे भर तो महानगर कार्यकारिणी पिछले करीब दो साल से भंग चल रही है। पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भी सपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रयास नहीं किया था। सत्ता के प्रभाव में प्रशासन और पुलिस पर नामांकन नहीं करने देने का आरोप लगाने वाली पार्टी के मुट्ठी भर नेता व कार्यकर्ता भी उस समय सड़क पर विरोध करने नहीं उतरे।
ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में तो पार्टी ने जैसे पहले ही हार मान ली हो। कुछ दिन पहले तक दमदारी से चुनाव लड़ने का दावा करने वाली पार्टी अपने प्रत्याशी के नामों तक की घोषणा न कर सकी। कल तक पार्टी के नेता यह दलील देते रहे कि नाम घोषित करने से पुलिस व प्रशासन उन्हें नामांकन से रोक सकता है। ऐसे में नामों की घोषणा नामांकन वाले दिन की जाएगी। मगर बृहस्पतिवार को भी पार्टी सन्नाटा खींचे रही।
14 ब्लॉकों में जहां से भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय है वहां से सपा के किसी प्रत्याशी ने नामांकन करने की कोशिश तक नहीं की। कोई नामांकन स्थल तक नहीं पहुंचा। जबकि उरुवा, खजनी, सहजनवां और खोराबार ब्लॉक से निर्दल प्रत्याशियों तक ने नामांकन कर चुनाव में ताल ठोंक रखी है। सपा की तरफ से सिर्फ सहजनवां से सभाजीत और बेलघाट से शकुंतला देवी ने नामांकन किया है। खोराबार से शैलेश यादव ने नामांकन पत्र खरीदा था लेकिन नामांकन कराने में नाकाम रहे हैं।
कानून व्यवस्था को भाजपा ने बंधक बना लिया
कानून व्यवस्था को भाजपा ने बंधक बना लिया है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में नामांकन के दौरान भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं द्वारा अराजकता और हिंसा किया जाना लोकतंत्र का उपहास है। भाजपा के लोग सरेआम लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं और पुलिस प्रशासन लोकतंत्र की हत्या के समय मूकदर्शक बन तमाशा देखता रहा। प्रशासन और भाजपा के लोगों ने बेलघाट, खोराबार, पिपराइच, भटहट सहित सभी ब्लॉकों पर खुलेआम गुंडई की।
सपा निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि खोराबार ब्लॉक पर सपा प्रत्याशी शैलेश यादव को अंदर जाने के बाद घंटों कमरे में बंद कर दिया गया और नामांकन नहीं करने दिया गया। सपा नेताओं के वरिष्ठ अधिकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। कई ब्लॉकों में समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशियों का पर्चा भाजपा नेताओं ने छीन लिया गया तो कई ब्लॉकों में फाड़ दिया गया। जनता सब जानती है। उनमें भाजपा के खिलाफ भारी जनाक्रोश है। 2022 में विधानसभा के चुनाव में जनता पूरा हिसाब-किताब करेगी।