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Good News: जल्द ही गोरखपुर एयरपोर्ट का होगा अपना हाईटेक रडार, तकनीकी टीम करेगी सर्वे
Sat, 24 Sep 2022 02:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 24 Sep 2022 02:32 PM IST
सार
एयरपोर्ट की खुद की वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज डॉप्लर रडार लग जाने से हवाई सुरक्षा प्रणाली और भी अधिक मजबूत होगी। वर्तमान समय में एयरपोर्ट, एयरफोर्स के डीवीओआर से काम चला रहा है। नया डीवीओआर विश्व की आधुनिकतम तकनीक पर आधारित है जो दिल्ली, मुंबई जैसे देश के बड़े एयरपोर्ट पर इस समय इस्तेमाल हो रहा है।
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Gorakhpur airport
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जल्द ही गोरखपुर एयरपोर्ट के पास अपना खुद का डीवीओआर (डॉपलर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज) रडार सिस्टम होगा। इसको लेकर 28 सितंबर को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम एयरपोर्ट का सर्वे करने आएगी। सब कुछ अनुकूल रहा तो निरीक्षण के बाद डीवीओआर सिस्टम के लिए टीम कमीशनिंग करेगी जिसके बाद तीन से चार महीने में इस सिस्टम के लग जाने की उम्मीद है। अभी एयरफोर्स के रडार से विमानों का संचालन होता है।
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डीवीओआर सिस्टम लगाने के काम में लोक निर्माण विभाग की भी मदद मांगी गई है। एयरपोर्ट का खुद का डीवीओआर अत्याधुनिक होने के साथ ही हाई-फ्रिक्वेंसी का होगा। ये सिस्टम विमानों को रास्ता तो दिखाएगा ही, साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से विमानों को 100 किलोमीटर रेंज तक नियंत्रित कर सकेगा। ये रडार लैंडिंग और टेकऑफ में भी सहायक होगा।
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इसके साथ ही कंप्यूटर पर रडार से टर्मिनल क्षेत्र में विमान की स्थिति, हवाई अड्डों के आसपास के हवाई क्षेत्र प्रदर्शित होता रहेगा। रडार हवाई अड्डे के 100 किमी के दायरे में विमान यातायात को नियंत्रित कर सकता है। इससे एटीसी व पायलट के बीच संपर्क काफी बेहतर हो जाएगा। एयरपोर्ट के रनवे के ऊपर आने के बाद लैंडिंग के दौरान लगने वाले समय में भी कमी आएगी। इससे विमानों की पहले से बेहतर ट्रैकिंग संभव होगी और एटीसी का काम भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
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मजबूत होगी हवाई सुरक्षा प्रणाली
एयरपोर्ट की खुद की वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज डॉप्लर रडार लग जाने से हवाई सुरक्षा प्रणाली और भी अधिक मजबूत होगी। वर्तमान समय में एयरपोर्ट, एयरफोर्स के डीवीओआर से काम चला रहा है। नया डीवीओआर विश्व की आधुनिकतम तकनीक पर आधारित है जो दिल्ली, मुंबई जैसे देश के बड़े एयरपोर्ट पर इस समय इस्तेमाल हो रहा है।
एयरपोर्ट के विस्तार की तेजी से चल रही तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोरखपुर एयरपोर्ट का 44 एकड़ में विस्तार किए जाने की तैयारी तेजी से चल रही है। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के विस्तार के लिए वायुसेना से जमीन की अदला-बदली का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था। वहां से इसे केंद्र को भेजा गया। केंद्र की सहमति भी मिल गई। अब वायुसेना और राज्य सरकार के बीच जमीन का हस्तानांतरण होना बाकी है।
एयरपोर्ट को 44 एकड़ जमीन मिल जाने से जहां टर्मिनल का विस्तार होगा वहीं एप्रेन (जहाज की पार्किंग) की संख्या 10 हो जाएगी। इससे उड़ानों की संख्या बढ़ जाएगी और गोरखपुर एयरपोर्ट टर्मिनल भी लखनऊ और वाराणसी के समकक्ष खड़ा हो सकेगा। एयरपोर्ट विस्तार में चार गेट बनाए जाएंगे। चार गेट से प्रवेश और चार गेट से निकासी होगी।
एयरपोर्ट के विस्तार की तेजी से चल रही तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोरखपुर एयरपोर्ट का 44 एकड़ में विस्तार किए जाने की तैयारी तेजी से चल रही है। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के विस्तार के लिए वायुसेना से जमीन की अदला-बदली का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था। वहां से इसे केंद्र को भेजा गया। केंद्र की सहमति भी मिल गई। अब वायुसेना और राज्य सरकार के बीच जमीन का हस्तानांतरण होना बाकी है।
एयरपोर्ट को 44 एकड़ जमीन मिल जाने से जहां टर्मिनल का विस्तार होगा वहीं एप्रेन (जहाज की पार्किंग) की संख्या 10 हो जाएगी। इससे उड़ानों की संख्या बढ़ जाएगी और गोरखपुर एयरपोर्ट टर्मिनल भी लखनऊ और वाराणसी के समकक्ष खड़ा हो सकेगा। एयरपोर्ट विस्तार में चार गेट बनाए जाएंगे। चार गेट से प्रवेश और चार गेट से निकासी होगी।