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Gorakhpur News: सोहगीबरवा छोड़ा गया गोंडा से रेस्क्यू कर लाया तेंदुआ

Mon, 29 Jul 2024 06:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Mon, 29 Jul 2024 06:02 AM IST
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Sohgibarwa abandoned, leopard rescued from Gonda
शनिवार की रात में गोरखपुर चिड़ियाघर लाया गया था
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प्राथमिक जांच के बाद उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोंडा से शनिवार को रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाए गए तेंदुए को रविवार को महराजगंज के सोहगीबरवा जंगल में छोड़ दिया गया। तेंदुआ पूरी तरह फिट है, उसे सिंगरहना ताल के पास आबादी से दूर छोड़ा गया।
गोंडा जिले के फातिमा स्कूल के पास नर तेंदुआ पिछले एक हफ्ते से भटक रहा था, जिसे गोरखपुर चिड़ियाघर की टीम ने शनिवार को करीब 15 घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर लिया। शनिवार रात 10 बजे के करीब वह चिड़ियाघर पहुंचा। उसकी उम्र करीब छह वर्ष है। यहां उसकी प्राथमिक जांच की गई। रात में इसने करीब डेढ़ किलो मीट खाया। सुबह तक यह पूरी तरह फिट था, जिसकी सूचना चिड़ियाघर प्रशासन ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव को दी। उन्होंने इसे सोहगीबरवा में छोड़ने का निर्देश दिया।
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चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के समय जंगल में गाड़ी ले जाना थोड़ा कठिन होता है, लेकिन सारे प्रोटोकॉल का पालन किया गया। बारिश की वजह से थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन जैसे ही बारिश बंद हुई तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। वहां पर इसे पीने के लिए पानी और भोजन आसानी से मिल जाएगा। इस दौरान डीएफओ सोहगीबरवा आरसी मलिक, एसटीओ गोंडा, रेेंज ऑफिसर के साथ वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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घनी आबादी के बीच जहां तेंदुआ पाया गया वह बेहद चिंताजनक है। वह इसका प्राकृतिक आवास नहीं है। जिस घर में यह पिछले एक हफ्ते से रह रहा था उसके ऊपर की मंजिल में परिवार रहते हैं। इसको रेस्क्यू करना थोड़ा कठिन था, लेकिन टीम ने सावधानी बरतते हुए हिम्मत दिखाई और रेस्क्यू कर लिया। चिड़ियाघर में इसकी जांच की गई जिसमें यह स्वस्थ मिला जिसके बाद तेंदुए को सोहगीबरवा जंगल में छोड़ दिया गया।
- डॉ. योगेश प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, चिड़ियाघर
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