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Gorakhpur News: विकसित होंगे नौ विशिष्ट वन, फलदार वृक्ष लगेंगे...जानवरों को मिलेगा आहार

Tue, 12 May 2026 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 02:18 AM IST
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Social harmony will increase with greenery, all forests will grow in one hectare area during monsoon.
गोरखपुर। पर्यावरण के अनुकूल मौसम और हरियाली के लिए वन विभाग इस मानसूनी सत्र में नौ तरह के विशेष वन विकसित करेगा। न्यूनतम एक हेक्टेयर क्षेत्र में यह वन विकसित होगा। इन वनों में फलदार पौधे लगाए जाएंगे, जिससे जानवरों को संतुलित आहार मिलेगा। वहीं विविधता में एकता थीम पर वनों का नामकरण किया जाएगा।
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आम लोगों को भी पौधे लगाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि हर वर्ग के लोग जाएं और इसके माध्यम से सामाजिक समरसता भी कायम हो सके। वन विभाग ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है। इन वनों के जरिये पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता, जैव विविधता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने की कोशिश होगी। प्रस्ताव के तहत महर्षि चरक की स्मृति में ''''औषधि वन'''' स्थापित किया जाएगा। इसमें औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा, जिससे आयुर्वेदिक पौधों के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
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वन विभाग ने ''''समरस वन'''' की भी योजना बनाई है जो ''''विविधता में एकता'''' की थीम पर आधारित होगा। ब्लॉक स्तर तक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का प्रयास होगा। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ''''समृद्धि वन'''' और ''''कृषि वन'''' विकसित किए जाएंगे। इनमें ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जिनसे किसानों को अतिरिक्त आय और कार्बन क्रेडिट का लाभ मिल सके।
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बंदरों का उत्पात कम करने को विकसित होगा कपि वन
ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ''''ऊर्जा वन'''' तैयार किए जाएंगे, जहां लकड़ी देने वाली प्रजातियों का रोपण होगा। बंदरों के बढ़ते उत्पात को नियंत्रित करने के लिए आबादी से बाहर ''''कपि वन'''' विकसित किए जाएंगे। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाए जाएंगे, ताकि बंदरों का रुख शहरों की ओर न हो। इसके अलावा पौराणिक वनों के पुनर्स्थापन की भी योजना बनाई गई है।



ये वन होंगे विकसित
- महर्षि चरक औषधि वन
- समरस वन
- समृद्धि वन
- कपि वन
- मिशन छाया
- ऊर्जा वन
- अविरल धारा वन
- पौराणिक वन
- गोपाल वन

इस संबंध में डीएफओ विकास यादव ने कहा कि इस बार का अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। इसके तहत नौ तरह के विशिष्ट वनों को विकसित किया जाएगा।
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