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Gorakhpur News: चार माह में 10.73 करोड़ रुपये की साइबर ठगी, 3.62 करोड़ कराए होल्ड

Mon, 18 May 2026 02:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 02:13 AM IST
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So far in 2026, police have arrested 28 cybercriminals. As of April this year, 2,767 cases of cybercrime have been registered.
गोरखपुर। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल एक जनवरी से 30 अप्रैल तक साइबर ठगी के 2767 मामले दर्ज हुए। इन मामलों में पीड़ितों से करीब 10.73 करोड़ रुपये की ठगी की गई, जिनमें से लगभग 3.62 करोड़ रुपये पुलिस ने होल्ड कराए। अप्रैल में साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए गोरखपुर पुलिस का होल्ड प्रतिशत 58 फीसदी रहा।
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वर्ष 2025 में जिले में साइबर ठगी के कुल 5182 प्रकरण सामने आए, जिनमें करीब 27.49 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इनमें से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते बैंक के जरिये लगभग 9.37 करोड़ रुपये होल्ड कराए। साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 में अब तक आठ मामले दर्ज कर 28 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।
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एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष एटीएम विड्रॉल हॉटस्पॉट अभियान के तहत 496 एटीएम विड्रॉल का सत्यापन किया गया। चेक विड्रॉल हॉटस्पॉट अभियान में 145 मामलों की जांच की गई, जबकि संदिग्ध लोकेशन हॉटस्पॉट अभियान के तहत 136 संदिग्ध स्थानों का सत्यापन किया गया। इसके अलावा संदिग्ध मोबाइल नंबर सत्यापन और ब्लॉकिंग अभियान के तहत 2963 मोबाइल नंबरों को प्रतिबंधित कराने की कार्रवाई की गई।
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जल्द शिकायत से ही रिकवरी की संभावना अधिक
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं चाहिए। घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत जितनी जल्दी होगी, रुपये होल्ड होने की संभावना उतनी बढ़ जाएगी। बैंक की हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल कर खाते और कार्ड को ब्लॉक कराएं। ठग से हुई चैट, कॉल नंबर, स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन आईडी और मैसेज डिलीट न करें क्योंकि यही सबसे अहम सबूत होते हैं। ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें। देर करना और सबूत मिटाना सबसे बड़ी चूक साबित हो सकता है।



ठगी से बचाव के उपाय

- वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देने वालों से सावधान रहें। इनकी तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

- लोन एप के माध्यम से लोन लेने से बचें, उसकी प्रमाणिकता की आरबीआई की साइट पर करें।

- इंवेस्ट या टास्क पूरा करने पर अधिक लाभ का लालच देने वाले व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप साइबर जालसाजों का होता है, इनकी तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

- अज्ञात ई-मेल/व्हाट्सएप से आए एपीके फाइल को डाउनलोड करने से बचें।

- ऑनलाइन गेम में रुपये लगाकर लाभ देने का वादा करने वाले की रिपोर्ट करें।


ये काम बिल्कुल न करें

- अनजान व्यक्तियों से प्राप्त वीडियो कॉल को रिसीव न करें।

- किसी के भी बहकावे व लालच में आकर अपने मोबाइल नंबर व बैंक खातों को चलाने के लिए न दें। वह आपके बैंक खाता व मोबाइल नंबर का प्रयोग किसी आपराधिक गतिविधि में कर सकता है।

- असत्यापित व अज्ञात स्रोतों से प्राप्त संदेशों और एसएमएस के लिंक पर क्लिक न करें।

- बैंक लॉगिन क्रेडेंशियल/पासवर्ड/क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

- पार्ट टाइम जॉब के नाम पर रुपये जमा न करें और न ही अपने बैंक खातों का प्रयोग करने के लिए दें।
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