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गोरखपुर: शहर की इस सड़क को बनाया जाएगा स्मार्ट स्ट्रीट, 50 करोड़ रुपये से होगा इसका निर्माण
Mon, 01 Mar 2021 03:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: vivek shukla
Updated Mon, 01 Mar 2021 03:42 PM IST
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर शहर के बेतियाहाता में भगत सिंह चौराहे से यातायात तिराहे होते हुए बस स्टेशन तक स्मार्ट स्ट्रीट बनाई जाएगी। इस पर यातायात का संचालन बाधारहित होगा। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ भी बनाए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस सड़क को चुना गया है। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क को लोक निर्माण विभाग से बनवाया जाएगा। दिल्ली की फर्म केपीएमजी ने सर्वे की शुरुआत कर दी है। लोक निर्माण विभाग जल्द ही डीपीआर तैयार करेगा। इसके निर्माण पर 50 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
अर्बन स्ट्रीट्सकेप ऑफ रोड्स एंड जंक्शन इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत शहर की इस सड़क को स्मार्ट स्ट्रीट बनाया जाएगा। कुछ निर्धारित स्थानों पर बसों के शेल्टर बनाए जाएंगे, ताकि इलेक्ट्रिक बसें रुक सकें। बेतियाहाता भगत सिंह चौराहे से लेकर बस स्टेशन तक जगह-जगह अत्याधुनिक पब्लिक टॉयलेट और यूरिनल बनाए जाएंगे। सड़क के दोनों ओर नालियां बनेंगी, ताकि बारिश के दौरान पानी आसानी से नालों में चला जाए। सड़क के किनारे बैठने के लिए बेंच और पानी की व्यवस्था की जाएगी। डिजाइनयुक्त बिजली के खंभे भी लगेंगे।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस सड़क को चुना गया है। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क को लोक निर्माण विभाग से बनवाया जाएगा। दिल्ली की फर्म केपीएमजी ने सर्वे की शुरुआत कर दी है। लोक निर्माण विभाग जल्द ही डीपीआर तैयार करेगा। इसके निर्माण पर 50 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
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अर्बन स्ट्रीट्सकेप ऑफ रोड्स एंड जंक्शन इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत शहर की इस सड़क को स्मार्ट स्ट्रीट बनाया जाएगा। कुछ निर्धारित स्थानों पर बसों के शेल्टर बनाए जाएंगे, ताकि इलेक्ट्रिक बसें रुक सकें। बेतियाहाता भगत सिंह चौराहे से लेकर बस स्टेशन तक जगह-जगह अत्याधुनिक पब्लिक टॉयलेट और यूरिनल बनाए जाएंगे। सड़क के दोनों ओर नालियां बनेंगी, ताकि बारिश के दौरान पानी आसानी से नालों में चला जाए। सड़क के किनारे बैठने के लिए बेंच और पानी की व्यवस्था की जाएगी। डिजाइनयुक्त बिजली के खंभे भी लगेंगे।
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यह होगा फायदा
जाम की समस्या कम होगी। जिन जगहों पर बॉटल नेक (मार्ग की रुकावट) जैसी स्थिति है, उसे दूर किया जाएगा। पैदल चलने वालों को फुटपाथ से नीचे उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चौराहों की स्थिति और बेहतर होगी। हरियाली बढ़ाने के लिए जगह-जगह पौधे लगेंगे। एक छोर से दूसरे छोर तक सड़क की चौड़ाई एक समान होगी।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि पहले नगर निगम ने शहर की दो सड़कों को स्मार्ट स्ट्रीट बनाने की योजना बनाई थी। बेतियाहाता से यातायात तिराहा और पुलिस लाइंस से कार्मल स्कूल होते हुए बस स्टेशन तक की सड़क को स्मार्ट स्ट्रीट बनाना था। अब इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दे दी गई है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरके पांडेय ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब तीन किलोमीटर लंबाई में बेतियाहाता के भगत सिंह चौराहे से गोलघर होते हुए बस स्टेशन तक हिंड्रेंस फ्री रोड बनाया जाना है। फुटपाथ का निर्माण भी ऐसा किया जाना है कि लोगों को सड़क से उतरना न पड़े। बस स्टॉपेज के लिए शेल्टर बनाए जाएंगे। सर्वे शुरू हो गया है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि पहले नगर निगम ने शहर की दो सड़कों को स्मार्ट स्ट्रीट बनाने की योजना बनाई थी। बेतियाहाता से यातायात तिराहा और पुलिस लाइंस से कार्मल स्कूल होते हुए बस स्टेशन तक की सड़क को स्मार्ट स्ट्रीट बनाना था। अब इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दे दी गई है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरके पांडेय ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब तीन किलोमीटर लंबाई में बेतियाहाता के भगत सिंह चौराहे से गोलघर होते हुए बस स्टेशन तक हिंड्रेंस फ्री रोड बनाया जाना है। फुटपाथ का निर्माण भी ऐसा किया जाना है कि लोगों को सड़क से उतरना न पड़े। बस स्टॉपेज के लिए शेल्टर बनाए जाएंगे। सर्वे शुरू हो गया है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा।