{"_id":"65a377baa2c9e1e1cd004277","slug":"slept-on-back-seat-of-car-when-woke-up-he-dead-2024-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: कार की पिछली सीट पर सोए, जगाया गया तो हो गई थी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: कार की पिछली सीट पर सोए, जगाया गया तो हो गई थी मौत
Sun, 14 Jan 2024 11:27 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:27 AM IST
सार
शुक्रवार रात तारकेश्वर कंपनी के लिए खरीदारी करने निजी गाड़ी से अपने सहायक के साथ बंगलूरू गए थे। खरीदारी करने के बाद सहायक से अगली सीट पर बैठने को कहकर स्वयं पिछली सीट पर सो गए और कंपनी में पहुंचने पर ही जगाने को कहा। कंपनी में पहुंचने पर सहायक ने जगाना शुरू किया, लेकिन वह नहीं जागे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर जिले में बड़हलगंज क्षेत्र के भीटी दुबे निवासी तारकेश्वर दुबे (30) की बंगलूरू में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपनी कार की पिछली सीट पर सोए थे। बाद में उन्हें जगाने की कोशिश की गई तो उनकी मौत हो चुकी थी। आशंका है कि हार्ट अटैक से मौत हुई है। डॉक्टर ठंड को भी इससे जोड़कर देख रहे हैं। गांव में सूचना पहुंची तो चीख-पुकार मच गई। वह कृष्णागिरि तमिलनाडु की एक कंपनी में यूनिट हेड थे।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात तारकेश्वर कंपनी के लिए खरीदारी करने निजी गाड़ी से अपने सहायक के साथ बंगलूरू गए थे। खरीदारी करने के बाद सहायक से अगली सीट पर बैठने को कहकर स्वयं पिछली सीट पर सो गए और कंपनी में पहुंचने पर ही जगाने को कहा।
इसे भी पढ़ें: संतकबीरनगर-लखनऊ फोरलेन पर सुबह आठ बजे हो गया रूट डायवर्जन, बड़ी गाड़ियों पर प्रतिबंध
विज्ञापन
कंपनी में पहुंचने पर सहायक ने जगाना शुरू किया, लेकिन वह नहीं जागे। कंपनी के लोग तुरंत उन्हें लेकर हाॅस्पिटल पहुंचे, वहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तारकेश्वर दुबे दो भाइयों में बड़े थे। दो बहनें भी हैं, जो शादी-शुदा हैं। तारकेश्वर अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्र तरुण और सात वर्षीय पुत्री तन्वी एवं पत्नी दीपा को छोड़ गए। छोटे भाई विकास दुबे ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर रविवार को दिन में 11 बजे तक आएगा। उसके बाद मुक्तिपथ पर अंतिम संस्कार होगा।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात तारकेश्वर कंपनी के लिए खरीदारी करने निजी गाड़ी से अपने सहायक के साथ बंगलूरू गए थे। खरीदारी करने के बाद सहायक से अगली सीट पर बैठने को कहकर स्वयं पिछली सीट पर सो गए और कंपनी में पहुंचने पर ही जगाने को कहा।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: संतकबीरनगर-लखनऊ फोरलेन पर सुबह आठ बजे हो गया रूट डायवर्जन, बड़ी गाड़ियों पर प्रतिबंध
विज्ञापन
कंपनी में पहुंचने पर सहायक ने जगाना शुरू किया, लेकिन वह नहीं जागे। कंपनी के लोग तुरंत उन्हें लेकर हाॅस्पिटल पहुंचे, वहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तारकेश्वर दुबे दो भाइयों में बड़े थे। दो बहनें भी हैं, जो शादी-शुदा हैं। तारकेश्वर अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्र तरुण और सात वर्षीय पुत्री तन्वी एवं पत्नी दीपा को छोड़ गए। छोटे भाई विकास दुबे ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर रविवार को दिन में 11 बजे तक आएगा। उसके बाद मुक्तिपथ पर अंतिम संस्कार होगा।