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Skanda Sashti Vrat 2021: जानिए कब है स्कंद षष्ठी व्रत, कैसे होती है भगवान कार्तिकेय की पूजा
Tue, 15 Jun 2021 04:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 15 Jun 2021 04:46 PM IST
सार
इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। पूरे विधि-विधान के साथ अगर पूजा की जाए तो व्यक्ति के जीवन से सभी कठिनाइयां दूर हो जाती हैं।
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कार्तिकेय भगवान। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
स्कंद षष्ठी का व्रत बुधवार को किया जाएगा। यह तिथि हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को आती है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय, भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र हैं। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। इसी कारण से इस तिथि को स्कंद षष्ठी कहा जाता है।
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यह है महत्व
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। पूरे विधि-विधान के साथ अगर पूजा की जाए तो व्यक्ति के जीवन से सभी कठिनाइयां दूर हो जाती हैं। साथ ही जीवन में खुशहाली आती है। व्यक्ति ग्रह बाधा से मुक्त हो जाता है। इसके साथ ही सुख और वैभव की प्राप्ति होती है।
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स्कंद षष्ठी पूजन विधि
पंडित शरद चंद्र मिश्रा के अनुसार, स्कंद षष्ठी व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें। इसके बाद घर की सफाई करें और सभी नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्नानादि कर लें। फिर साफ वस्त्र धारण करें और सबसे पहले ध्यान कर व्रत का संकल्प लें। फिर पूजा स्थल पर माता पार्वती और शिवजी के साथ भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। फिर उन्हें जल, मौसमी फल, फूल, मेवा, कलावा, दीपक, अक्षत, हल्दी, चंदन, दूध, गाय का घी, इत्र आदि अर्पित करें और पूजा करें। अंत में भगवान कार्तिकेय की आरती करना करें। शाम के समय भजन-कीर्तन कर पूजन करें। अगले दिन व्रत का पारण करें।
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