सिक्स लेन: अब अक्तूबर नया लक्ष्य, छह महीने में छह से अधिक बार चेतावनी, फिर नहीं बढ़ी काम की रफ्तार
गोरखपुर शहर के मुहाने पर लगने वाले जाम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले कार्यकाल में नौसड़-पैडलेगंज फोर लेन को सिक्स लेन में बदलने की जरूरत बताई थी। लोक निर्माण विभाग ने सर्वे कराया। एस्टीमेट तैयार हुआ और इसे समय से स्वीकृति भी मिल गई।
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गोरखपुर में अप्रैल-2022 में जिस नौसड़-पैडलेगंज सिक्स लेन का निर्माण कार्य होना था, वह अभी 30 फीसदी पूरा हो सका है। पहले कोरोना का हवाला देकर जून तक की मोहलत मांगने वाली कार्यदायी संस्था अब अक्तूबर तक काम पूरा करने का दावा कर रही है। मगर मौजूदा रफ्तार देखकर इस काम का इस साल पूरा होना मुमकिन नहीं है।
यह तब है, जबकि कार्य की गति बढ़ाने के लिए दिसंबर 2021 से तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद और कमिश्नर रवि कुमार एनजी छह से अधिक बार चेतावनी दे चुके हैं। तीन-तीन बार नोटिस दिया जा चुका है, मगर काम कराने वाली फर्म छात्रशक्ति कछुआ गति से ही काम करा रही है। बरसात के मौसम में वैसे भी काम धीमा हो जाएगा। ऐसे में नहीं लगता कि करीब 70 फीसदी काम अक्तूबर तक पूरा हो पाएगा।
89 करोड़ से बननी है 5.6 किमी लंबी सिक्स लेन
गोरखपुर शहर के मुहाने पर लगने वाले जाम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले कार्यकाल में नौसड़-पैडलेगंज फोर लेन को सिक्स लेन में बदलने की जरूरत बताई थी। लोक निर्माण विभाग ने सर्वे कराया। एस्टीमेट तैयार हुआ और इसे समय से स्वीकृति भी मिल गई। 89 करोड़ की लागत से 5.6 किमी लंबे इस सिक्स लेन का काम समय से नहीं शुरू हुआ था। सख्ती के बाद काम शुरू कराया गया।
मार्ग के बीच में पड़ने वाले चौराहों का कराना है सुंदरीकरण
सिक्स लेन पर पड़ने वाले पांच चौराहों का सुंदरीकरण और चौड़ीकरण किया जाना है। इसमें पैडलेगंज, ट्रांसपोर्टनगर, देवरिया बाईपास तिराहा, रुस्तमपुर और राजघाट तिराहा शामिल हैं।
निर्माण खंड लोनिवि सहायक अभियंता बाबर अली ने कहा कि पैडलेगंज-नौसड़ सिक्स लेन का कार्य अप्रैल 2021 में शुरू हुआ था। इसे एक साल में पूरा करना था। कोरोना संक्रमण के कारण समय सीमा बढ़ाकर जून तक कर दी गई थी। 30 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो गया है। बिजली के 40 पोल, ट्रांसफार्मर और कुछ पेड़ अब हटाए जाने हैं। इन अवरोधों की वजह से काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। अक्तूबर 2022 तक काम पूरा हो जाएगा।