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गोरखपुर: जिले के छह शिक्षक होंगे बर्खास्त, जानिए क्या है बड़ी वजह
Sat, 10 Apr 2021 03:31 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Apr 2021 03:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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फर्जी दस्तावेज के सहारे गोरखपुर जिले में नौकरी हासिल करने वाले छह शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बर्खास्तगी को लेकर जारी आखिरी नोटिस की समय सीमा शुक्रवार को खत्म हो गई। कोई भी शिक्षक अपने दस्तावेज का सत्यापन कराने बीएसए कार्यालय नहीं पहुंचा। केवल दो शिक्षकों ने प्रत्यावेदन भेज कर फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी करने के आरोपों को नकारा है। मगर अपने दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सके हैं जबकि चार शिक्षकों ने सत्यापन कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अब सभी आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो वर्ष पूर्व एसटीएफ के छापे की कार्रवाई के बाद से कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें विभाग को मिलीं। इस आधार पर अब तक 79 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। 20 से अधिक फर्जी शिक्षकों को निलंबित भी किया जा चुका है। आरोपी शिक्षकों के खिलाफ भी बीएसए कार्यालय को फर्जी होने की शिकायत मिली थी।
जांच के दौरान प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने पर छह शिक्षकों को निलंबित कर मामले की जांच संबंधित विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई थी। उनकी रिपोर्ट पर आरोपी शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए विभाग की ओर से कई बार पत्राचार किया गया। लेकिन आरोपी दस्तावेज के सत्यापन के लिए विभाग में प्रस्तुत ही नहीं हुए। जिसके बाद विभाग ने आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने का नोटिस जारी करते हुए इन्हें नौ अप्रैल तक अपना पक्ष रखने की आखिरी समय सीमा निर्धारित की थी।
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इन शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
प्राथमिक विद्यालय टेकवार बांसगांव के आत्मप्रकाश पांडेय, प्राथमिक विद्यालय बैजूडीहा ब्रह्मपुर के अजय कुमार सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवकली कौड़ीराम के राजेंद्र प्रसाद, प्राथमिक विद्यालय बड़िहारी गगहा के अरविंद कुमार, प्राथमिक विद्यालय बेला पिपराइच के राम सागर चौधरी और प्राथमिक विद्यालय महुआपार सहजनवां की मालती देवी।
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दो वर्ष पूर्व एसटीएफ के छापे की कार्रवाई के बाद से कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें विभाग को मिलीं। इस आधार पर अब तक 79 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। 20 से अधिक फर्जी शिक्षकों को निलंबित भी किया जा चुका है। आरोपी शिक्षकों के खिलाफ भी बीएसए कार्यालय को फर्जी होने की शिकायत मिली थी।
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जांच के दौरान प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने पर छह शिक्षकों को निलंबित कर मामले की जांच संबंधित विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई थी। उनकी रिपोर्ट पर आरोपी शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए विभाग की ओर से कई बार पत्राचार किया गया। लेकिन आरोपी दस्तावेज के सत्यापन के लिए विभाग में प्रस्तुत ही नहीं हुए। जिसके बाद विभाग ने आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने का नोटिस जारी करते हुए इन्हें नौ अप्रैल तक अपना पक्ष रखने की आखिरी समय सीमा निर्धारित की थी।
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इन शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
प्राथमिक विद्यालय टेकवार बांसगांव के आत्मप्रकाश पांडेय, प्राथमिक विद्यालय बैजूडीहा ब्रह्मपुर के अजय कुमार सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवकली कौड़ीराम के राजेंद्र प्रसाद, प्राथमिक विद्यालय बड़िहारी गगहा के अरविंद कुमार, प्राथमिक विद्यालय बेला पिपराइच के राम सागर चौधरी और प्राथमिक विद्यालय महुआपार सहजनवां की मालती देवी।