ओवरलोड ट्रकों से वसूली की जांच करेगी एसआईटी एसटीएफ, कई अधिकारियों की भूमिका की भी होनी है जांच

डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Tue, 28 Jan 2020 11:41 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
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ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के नाम पर वसूली के मामले की जांच एसआईटी करेगी। इसके लिए एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बेलीपार थाने और एसटीएफ से रिपोर्ट मांगी है। जांच की जिम्मेदारी चार सदस्यीय कमेटी को दी जाएगी। इसकी वजह यह है कि इस मुकदमे में कई अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिनसे पूछताछ करनी होगी और साक्ष्य जुटाने होंगे।
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जानकारी के मुताबिक एसटीएफ ने मधुबन होटल के मालिक व सरगना धर्मपाल सिंह समेत छह लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर 18 जिले में वसूली का भंडाफोड़ किया है। वसूली काफी दिनों से हो रही थी, लेकिन पहली बार अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं और एफआईआर में भी उनका जिक्र किया गया है।


असलहा प्रकरण की तरह कोई चूक न होने पाए, इस वजह से इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित करने का फैसला एसएसपी ने लिया है। एसआईटी के सभी सदस्य आपस में तालमेल कर और अधिकारियों को जानकारी देकर फैसला लेंगे, ताकि कार्रवाई पर कोई सवाल न खड़ा हो सके। एसटीएफ की तहरीर पर बेलीपार थाने में आरोपियों पर एफआईआर दर्ज है।

एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा, मामला गंभीर होने की वजह से चार सदस्यीय एसआईटी गठित करने का फैसला किया है। इसके लिए एसटीएफ और बेलीपार थाने से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आते ही एसआईटी का गठन कर दिया जाएगा।

एआरटीओ और पीटीओ का नाम आने पर मची खलबली

प्रदेश में ओरवलोड ट्रकों से वसूली के मामले में गोरखपुर के एआरटीओ प्रवर्तन एसपी श्रीवास्तव व पीटीओ इरशाद अली के साथ ही आरटीओ के सिपाहियों और ड्राइवर के नाम उजागर होने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। सोमवार को पूरे दिन आरटीओ परिसर में इसकी चर्चा होती रही।

रविवार की बंदी के बाद जब सोमवार को आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) खुला तो पूरे परिसर में खलबली जैसा माहौल दिखा। अधिकारी हों या कर्मचारी, हर कोई ओरवलोड ट्रकों की वसूली केे मामले में जांच के घेरे में आए एआरटीओ प्रवर्तन एसपी श्रीवास्तव और पीटीओ इरशाद अली के नामों की चर्चा करता दिखा।

अमर उजाला संवाददाता दोपहर तीन बजे के करीब जब एआरटीओ प्रशासन के पास पहुंचा तो उनका कहना था कि इस घटना से विभाग की बहुत बदनामी हो रही है। वहीं आरटीओ प्रवर्तन एवं आरटीओ प्रशासन बंद कमरे में मीटिंग करते रहे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी वे कमरे से बाहर नहीं निकले। वहीं इस मामले में एक बाबू का कहना था कि इस घटना में होना जाना कुछ नहीं है। सबूत के अभाव में इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।

आरोपित अधिकारियों ने कुछ भी कहने से किया इंकार
इस मामले में आरोपित एआरटीओ प्रवर्तन एसपी श्रीवास्तव से बात की गई तो उनका कहना था कि वह अपने पिता को लेकर अस्पताल में हैं। अभी किसी भी तरह की बात वह नहीं कर सकते हैं। वहीं दूसरे आरोपित पीटीओ इरशाद का कहना है कि वह इस मामले में कुछ भी कहेंगे, उनके उच्चाधिकारियों से इस मामले में बात की जाए।

आरटीओ डीडी मिश्रा ने कहा कि प्रवर्तन इस घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद विभागीय जांच टीम गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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