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साहब, मैं बहुत गरीब हूं, कहां से करूं पुलिस के लिए गाड़ी का इंतजाम
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साहब, मैं बहुत गरीब हूं, कहां से करूं पुलिस के लिए गाड़ी का इंतजाम
सलेमपुर (देवरिया)। साहब, मैं बहुत गरीब हूं। मेरी पत्नी मासूम बेटे को लेकर बगल के गांव के अपने प्रेमी के साथ 22 दिसंबर को गहने और रुपये लेकर फरार हो गई। कार्रवाई के लिए अपने बुजुर्ग पिता के साथ नौ दिन से कोतवाली के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन पुलिस रुचि नहीं दिखा रही बल्कि पत्नी को लाने के लिए प्राइवेट गाड़ी तय करने को कह रही है। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं गाड़ी कर सकूं।
यह कहना है कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति का। वह अपने पिता के साथ बृहस्पतिवार को सीओ दफ्तर पहुंचा था। कोतवाली में दी गई तहरीर के मुताबिक युवक की पत्नी तीन बच्चों की मां है। वह चार वर्षीय बेटे शेरू को लेकर बगल के गांव के अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। साथ में वह गहने और 22 हजार रुपये भी ले गई, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अलबत्ता पुलिस पत्नी को लाने के लिए प्राइवेट गाड़ी तय करने को कह रही है। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं मैं गाड़ी के लिए दे सकूं।
इस मामले में इंस्पेक्टर को गुमशुदगी का मुकदमा लिखने का निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही मुकदमा दर्ज हो जाएगा। पुलिस के गाड़ी तय करने की बात में कोई दम नहीं है।
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- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ
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सलेमपुर (देवरिया)। साहब, मैं बहुत गरीब हूं। मेरी पत्नी मासूम बेटे को लेकर बगल के गांव के अपने प्रेमी के साथ 22 दिसंबर को गहने और रुपये लेकर फरार हो गई। कार्रवाई के लिए अपने बुजुर्ग पिता के साथ नौ दिन से कोतवाली के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन पुलिस रुचि नहीं दिखा रही बल्कि पत्नी को लाने के लिए प्राइवेट गाड़ी तय करने को कह रही है। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं गाड़ी कर सकूं।
यह कहना है कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति का। वह अपने पिता के साथ बृहस्पतिवार को सीओ दफ्तर पहुंचा था। कोतवाली में दी गई तहरीर के मुताबिक युवक की पत्नी तीन बच्चों की मां है। वह चार वर्षीय बेटे शेरू को लेकर बगल के गांव के अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। साथ में वह गहने और 22 हजार रुपये भी ले गई, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अलबत्ता पुलिस पत्नी को लाने के लिए प्राइवेट गाड़ी तय करने को कह रही है। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं मैं गाड़ी के लिए दे सकूं।
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इस मामले में इंस्पेक्टर को गुमशुदगी का मुकदमा लिखने का निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही मुकदमा दर्ज हो जाएगा। पुलिस के गाड़ी तय करने की बात में कोई दम नहीं है।
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- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ