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Gorakhpur News: हीरोपंती में तोड़ रहे साइड डिवाइडर, सीसीटीवी कैमरे से अब जाएंगे जेल
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- यातायात पुलिस ने अब मनबढ़ों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू की
- शाम से रात तक की निकाली जा रही फुटेज, दर्ज होगा मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जाम से निजात और लोगों की सहूलियत के लिए बाईं लेन पर लगाए गए प्लास्टिक के डिवाइडर (बोलार्ड कोन) को हीरोपंती में तोड़ने वालों पर अब कार्रवाई होगी। पुलिस ऐसे मनचलों को सीसीटीवी फुटेज की मदद से चिन्हित करेगी और केस दर्ज कर जेल भी भेजेगी। इसे लेकर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने आदेश जारी कर दिया है। दरअसल, यातायात पुलिस ने इसके पहले भी बाईं लेन को खाली करने के लिए डिवाइडर लगवाए थे, लेकिन हीरोपंती में लोगों ने कार और बाइक से टक्कर मारकर उसे तोड़ दिया और फिर लंबे समय तक बिना डिवाइडर ही बाईं लेन को खाली कराने में मुसीबत भी झेलनी पड़ी।
सड़क पर एक किनारे से लोग आराम से निकल सकें इसके लिए बाईं लेन खाली कराई जाती है। बाईं लेन से ही इमरजेंसी में एंबुलेंस और आपात स्थिति में दूसरे वाहन भी निकाले जाते हैं। जाम की वजह से लोग इस लेन में भी गाड़ी लेकर चले आते हैं, जिसकी वजह से इसका फायदा बाईं तरफ जाने वालों को नहीं मिल पाता। यातायात पुलिस ने एक बार फिर गणेश चौक, गोलघर, मोहद्दीपुर, यूनिवर्सिटी चौक सहित कई प्रमुख चौराहों पर बाईं लेन खाली कराने के लिए डिवाइडर लगवा दिए हैं। एक ओर से दूसरी ओर जाने के चक्कर में लोग इस पर टक्कर मार दे रहे हैं। पुलिस ने इन डिवाइडर में रस्सी बांध दी, ताकि लोग बीच में न जाए पाए और रात में इसे हटा भी दिया जाए। इसके बावजूद कुछ मनचले हीरोपंती में इसे तोड़ दे रहे हैं। इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद एसएसपी ने ऐसे मामलों में सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच कर केस दर्ज कर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।
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पहले कराए गए थे फिक्स, टूटने से झेलनी पड़ी मुसीबत
यातायात पुलिस की ओर से करीब डेढ़ साल पहले बाईं लेन फ्री करने के लिए जगह-जगह डिवाइडर फिक्स करा दिए गए थे, लेकिन शहर के कुछ मनबढ़ों ने इन्हें तोड़ दिया और फिर छह महीने तक लोगों के साथ ही जाम से निपटने में पुलिस को मुसीबत झेलनी पड़ी। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने इस बार फिक्स न कराकर उठाने वाला डिवाइडर लगा दिया, लेकिन फिर भी लोग वाहनों से टक्कर मार दे रहे हैं।
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कोट
जाम से निपटने के लिए चौराहों पर बाईं लेन खाली करना जरूरी है। एंबुलेंस और इमरजेंसी में इसकी जरूरत बढ़ जाती है। इसके लिए प्लास्टिक के डिवाइडर लगाए गए हैं, लेकिन कुछ जगहों पर तोड़े जाने की शिकायत आ रही है। पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों की मदद से ऐसे लोगों को चिन्हित कर सार्वजनिक संपत्ति क्षति का केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई करेगी।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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- शाम से रात तक की निकाली जा रही फुटेज, दर्ज होगा मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जाम से निजात और लोगों की सहूलियत के लिए बाईं लेन पर लगाए गए प्लास्टिक के डिवाइडर (बोलार्ड कोन) को हीरोपंती में तोड़ने वालों पर अब कार्रवाई होगी। पुलिस ऐसे मनचलों को सीसीटीवी फुटेज की मदद से चिन्हित करेगी और केस दर्ज कर जेल भी भेजेगी। इसे लेकर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने आदेश जारी कर दिया है। दरअसल, यातायात पुलिस ने इसके पहले भी बाईं लेन को खाली करने के लिए डिवाइडर लगवाए थे, लेकिन हीरोपंती में लोगों ने कार और बाइक से टक्कर मारकर उसे तोड़ दिया और फिर लंबे समय तक बिना डिवाइडर ही बाईं लेन को खाली कराने में मुसीबत भी झेलनी पड़ी।
सड़क पर एक किनारे से लोग आराम से निकल सकें इसके लिए बाईं लेन खाली कराई जाती है। बाईं लेन से ही इमरजेंसी में एंबुलेंस और आपात स्थिति में दूसरे वाहन भी निकाले जाते हैं। जाम की वजह से लोग इस लेन में भी गाड़ी लेकर चले आते हैं, जिसकी वजह से इसका फायदा बाईं तरफ जाने वालों को नहीं मिल पाता। यातायात पुलिस ने एक बार फिर गणेश चौक, गोलघर, मोहद्दीपुर, यूनिवर्सिटी चौक सहित कई प्रमुख चौराहों पर बाईं लेन खाली कराने के लिए डिवाइडर लगवा दिए हैं। एक ओर से दूसरी ओर जाने के चक्कर में लोग इस पर टक्कर मार दे रहे हैं। पुलिस ने इन डिवाइडर में रस्सी बांध दी, ताकि लोग बीच में न जाए पाए और रात में इसे हटा भी दिया जाए। इसके बावजूद कुछ मनचले हीरोपंती में इसे तोड़ दे रहे हैं। इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद एसएसपी ने ऐसे मामलों में सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच कर केस दर्ज कर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।
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पहले कराए गए थे फिक्स, टूटने से झेलनी पड़ी मुसीबत
यातायात पुलिस की ओर से करीब डेढ़ साल पहले बाईं लेन फ्री करने के लिए जगह-जगह डिवाइडर फिक्स करा दिए गए थे, लेकिन शहर के कुछ मनबढ़ों ने इन्हें तोड़ दिया और फिर छह महीने तक लोगों के साथ ही जाम से निपटने में पुलिस को मुसीबत झेलनी पड़ी। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने इस बार फिक्स न कराकर उठाने वाला डिवाइडर लगा दिया, लेकिन फिर भी लोग वाहनों से टक्कर मार दे रहे हैं।
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कोट
जाम से निपटने के लिए चौराहों पर बाईं लेन खाली करना जरूरी है। एंबुलेंस और इमरजेंसी में इसकी जरूरत बढ़ जाती है। इसके लिए प्लास्टिक के डिवाइडर लगाए गए हैं, लेकिन कुछ जगहों पर तोड़े जाने की शिकायत आ रही है। पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों की मदद से ऐसे लोगों को चिन्हित कर सार्वजनिक संपत्ति क्षति का केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई करेगी।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी