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दुकानें खोलने की छूट सुन सड़क पर निकले लोग, प्रशासन का आदेश- 3 मई तक नहीं मिलेगी कोई रियायत

Sat, 25 Apr 2020 02:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sat, 25 Apr 2020 02:11 PM IST
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Shopkeeper out on market for opening shop after Government allows in gorakhpur
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
गृह मंत्रालय की तरफ से कुछ शर्तों के साथ दुकानें खोलने की छूट दिए जाने संबंधी सूचना पर शनिवार की सुबह तमाम लोग सड़कों पर निकल पड़े। इनमें ज्यादातर दुकानों के मालिक और वहां काम करने वाले थे। प्रशासन की सख्ती के बाद पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने इन्हें समझाकर घर भेजा।
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वहीं कमिश्नर जयंत नार्लिकर और डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के साथ ही तहसील क्षेत्रों में सभी एसडीएम ने यह स्पष्ट किया कि तीन मई तक लॉकडाउन में कोई नई रियायत नहीं दी गई है। पूर्व की ही तरह लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। लोग अपने घरों में ही रहें।
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Shopkeeper out on market for opening shop after Government allows in gorakhpur
सड़क पर निकले लोगों से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
कमिश्नर-डीएम ने कहा कि शहर में अभी तक कोरोना संक्रमण का कोई केस नहीं है। महराजगंज में जो थे वे सही हो गए। मगर गोरखपुर से 25 किलोमीटर की ही दूरी पर संतकबीरनगर में संक्रमण के 19 नए केस सामने आए हैं। ऐसे में गोरखपुर की 44 लाख समेत मंडल के एक करोड़ से अधिक की आबादी की सुरक्षा के साथ प्रशासन समझौता नहीं कर सकता।

वर्तमान में तीन तरह की छूट को छोड़कर लॉकडाउन के दूसरे फेज यानी तीन मई तक कोई नई छूट नहीं दी जा सकती। इनमें सरकार दफ्तर खोलने, विकास परियोजनाएं और मनरेगा के काम शामिल हैं। तीन मई के बाद ही परिस्थितियों को ध्यान में रखकर प्रशासन कुछ सेवाओं में छूट देने पर विचार करेगा।
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Shopkeeper out on market for opening shop after Government allows in gorakhpur
प्रशासन के आदेश के बाद नहीं खुली दूकानें। - फोटो : अमर उजाला।
दरअसल गृह मंत्रालय की तरफ से कुछ शर्तों के साथ नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्र में स्थित आवासीय कॉलोनियों के समीप या बाजार में स्थित दुकानें खोलने की छूट दी गई है। शुक्रवार की देर रात मंत्रालय की ओर से जारी इस आदेश के सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने और टीवी चैनलों, अखबारों में खबर आने के बाद लोग गफलत में पड़ गए।

शहर से लेकर नगर पंचायतों तक कई क्षेत्रों में लोग सड़कों पर निकल पड़े। कई जगह लोगों की पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ बहस भी हुई। जिसपर सुबह 8.30 बजे के करीब कमिश्नर, डीएम के साथ ही तहसील क्षेत्र के एसडीएम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों को बताया कि फिलहाल तीन मई तक गोरखपुर और मंडल के दूसरे जिलों में भी कोई नई छूट नहीं दी गई है।
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कैंप दफ्तर से लेकर कंट्रोल रूम तक घनघनाने लगे फोन

कुछ शर्तों के साथ दुकानें खोले जाने के गृह मंत्रालय के आदेश की खबर फैलते ही शनिवार की सुबह से ही कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से लेकर कमिश्नर, डीएम, एडीएम और सभी एसडीएम के दफ्तर से लेकर कैंप ऑफिस तक के फोन-मोबाइल की घंटिया घनघनाने लगी। तीन मई तक जिले में कोई छूट नहीं है, यह समझाते-समझाते कई अफसर परेशान हो गए।

कमिश्नर जयंत नर्लिकर ने बताया कि लॉकडाउन में किसी प्रकार की कोई नई छूट नहीं दी गई है। न ही दुकानें खोलने की कोई छूट है। पिछले दिनों की भांति आगे भी तीन मई तक लॉक डाउन जारी रहेगा। लोग घरों में रहें और लॉकडाउन का पालन करें।

डीएम के. विजयेंद्र पंडियन ने कहा कि जिले की सीमा से थोड़ी ही दूरी पर संतकबीरनगर में कोरोना संक्रमण के 19 केस सामने आए हैं। प्रशासन, गोरखपुर की 44 लाख की आबादी की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता है। लॉकडाउन में दुकानें खोलने जैसी कोई नई छूट नहीं दी गई है।

इस संबंध में अभी कोई शासनादेश भी नहीं प्राप्त हुआ है। तीन मई के बाद ही कोई छूट देने पर विचार किया जाएगा। लोगों को असुविधा न हो इसलिए सभी तरह की जरूरी सुविधाओं की होम डिलीवरी जारी है। लोग घरों में रहें और लॉकडाउन का पालन करें।
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