{"_id":"6692f47cd023c669320021c4","slug":"shohde-teased-beat-up-when-she-protested-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-620051-2024-07-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: घरवालों ने दर्ज कराया था अपहरण का केस, वाराणसी में घूमते मिले बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: घरवालों ने दर्ज कराया था अपहरण का केस, वाराणसी में घूमते मिले बच्चे
Sun, 14 Jul 2024 03:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:11 AM IST
सार
गोरखनाथ क्षेत्र में तीन बच्चे शुक्रवार की शाम अचानक घर से लापता हो गए। घरवालों ने काफी खोजबीन के बाद अपहरण का केस दर्ज कराया। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी कि शनिवार को पता चला कि तीनों वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर घूम रहे हैं। दोस्त को उसकी मां ने डांट दिया तो सगे भाई समेत तीनों घर से निकल गए थे। फिर ट्रेन से वाराणसी पहुंचे थे। घरवाले वाराणसी रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन
मोहन, सोहन और रोशन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखनाथ क्षेत्र में तीन बच्चे शुक्रवार की शाम अचानक घर से लापता हो गए। घरवालों ने काफी खोजबीन के बाद अपहरण का केस दर्ज कराया। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी कि शनिवार को पता चला कि तीनों वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर घूम रहे हैं।
विज्ञापन
दोस्त को उसकी मां ने डांट दिया तो सगे भाई समेत तीनों घर से निकल गए थे। फिर ट्रेन से वाराणसी पहुंचे थे। घरवाले वाराणसी रवाना हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की शाम पांच बजे घर से खेलने निकले रामनगर के रामप्रीत चौराहे के पास रहने वाले दो सगे भाई मोहन यादव (12), सोहन यादव (8) और पड़ोस में रहने वाला रोशन (8) लापता हो गए। घर वालों हर जगह उनकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।
विज्ञापन
शनिवार को गोरखनाथ थाने में पूनम पत्नी राजकुमार ने दोपहर ढाई बजे तीनों बच्चों के अपहरण का केस दर्ज कराया। अपहरण की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई और उनका फोटो लेकर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आस-पास के कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
शाम पांच बजे वाराणसी चाइल्ड लाइन से मोहन व सोहन के पिता राजकुमार यादव के पास फोन आया। बताया गया कि उनके बच्चे दशाश्वमेध घाट पर घूमते हुए मिले हैं। वाराणसी की चाइल्ड लाइन टीम ने बताया कि तीनों बच्चे शनिवार की सुबह दशाश्वमेध घाट पर बैठे थे। वहां एक व्यक्ति ने तीनों को भूखा देख खाने के लिए दिया। इसके बाद गंगा नदी में बच्चों को नहलाया था।
फिर काशी विश्वनाथ का दर्शन कराकर बच्चों को कैंट स्टेशन पर छोड़ दिया। यहां पर एक व्यक्ति ने बच्चों को जीआरपी को सौंप दिया। इसके बाद बच्चे हमारे पास आ गए। बच्चों से बातचीत कर उनके परिजनाें को बुलाया गया है।
दोस्त रुठा तो दोनों भाइयों ने भी छोड़ दिया घर
वाराणसी की चाइल्ड लाइन टीम ने बच्चों से घर से भागने की वजह पूछी। बच्चों ने बताया कि रोशन की मां ने डांट दिया था तो वह नाराज होकर कहीं जा रहा था। यह देख मोहन व सोहन भी उसके साथ निकल लिए। उन्होंने बताया कि रोशन ने कहा था कि कुसम्ही के पास एक गांव में उसके रिश्तेदार रहते हैं, हम लोग वहीं चलेंगे।
इसके लिए रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए। ट्रेन नहीं रुकी और बच्चे भी सो गए। सुबह वाराणसी में ट्रेन रुकी तो बच्चे यहां से उतरकर घाट तक पहुंच गए।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
राजकुमार की पत्नी पूनम का बच्चों के गायब होने के बाद रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। जब बच्चों के मिलने की सूचना मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। पूनम ने बताया कि रामजानकी नगर में एक स्कूल में मोहन कक्षा दो, सोहन कक्षा एक और पड़ोसी राजेश का लड़का रोशन कक्षा एक में पढ़ते हैं। तीनों में अच्छी मित्रता है।