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Gorakhpur News: 50 लाख का खेल- दरोगा के बाद अब इंस्पेक्टर भी घेरे में, एक प्रभावशाली नेता भी बना था पैरोकार

Sun, 14 Apr 2024 01:14 PM IST
Gorakhpur Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 14 Apr 2024 01:14 PM IST
सार

चेकिंग के दौरान 50 लाख रुपये छीनने के खेल में जेल भेजे गए दरोगा आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव के नेटवर्क में एक इंस्पेक्टर का भी नाम जुड़ने लगा है। एक प्रभावशाली नेता का नाम भी पैरवी में जुड़ा है। हालांकि, बीमारी की बात बोलकर व्यापारी प्रभावशाली नेता के पास पैरवी के लिए गया था।

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Role of an inspector also suspected in Gorakhpur's Rs 50 lakh game
आरोपी गिरफ्तार दरोगा आलोक सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 चेकिंग के दौरान 50 लाख रुपये छीनने के खेल में जेल भेजे गए दरोगा आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव के नेटवर्क में एक इंस्पेक्टर का भी नाम जुड़ने लगा है। बताया जा रहा है कि दरोगा से इंस्पेक्टर ने भी संपर्क साधा था और रुपये की जानकारी देकर छीनने तक की बात कही थी। गोरखपुर में तैनाती के समय विवादों में रहे इंस्पेक्टर की भूमिका को लेकर जांच भी शुरू कर दी गई है।
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इस मामले में फरार चल रहे तीनों आरोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच लगी है। तीनों की पहचान हो गई है, उनका नाम भी सामने आ गया है। पर, उनकी गिरफ्तारी के साथ ही नाम उजागर करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि जो आरोपी हैं, उनका भी अपना एक नेटवर्क है। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कुछ और अहम जानकारी सामने आ सकती है।
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वहीं वादी मुकदमा नवीन कुमार श्रीवास्तव का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस उनके भाई और भांजे का बयान दर्ज करने में लगी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भांजे के बारे में पुलिस को जानकारी हुई थी। हालांकि, भांजा अभी शहर से बाहर बताया जा रहा है। उसके आने पर उससे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
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इंस्पेक्टर के नेटवर्क से जुड़े लोग पैसा हड़पने में लगे थे कि इस बीच दरोगा शामिल हो गया। दरोगा को इंस्पेक्टर ने फोन कर समझाने का प्रयास किया। कई लोगों का नाम लेकर अर्दब में लेने की कोशिश की, लेकिन दरोगा इतनी बड़ी रकम को अकेले हड़पना चाहता था और इंस्पेक्टर की बात को उसने नजरअंदाज कर दिया था।

Role of an inspector also suspected in Gorakhpur's Rs 50 lakh game
कोतवाली थाने की बेनीगंज पुलिस चौकी। उद्घाटन के समय की फोटो, आलोक सिंह इसी चौकी में प्रभारी था। - फोटो : अमर उजाला

एक प्रभावशाली नेता के पैरवी की भी चर्चा
चर्चा है कि इस मामले में मंडल स्तकीय एक प्रभावशाली नेता ने भी तत्कालीन चौकी इंचार्ज से पैरवी की थी। सूत्रों ने बताया कि पीड़ित और उस नेता के बीच कई बार संवाद भी हुआ था। इसमें नेता से लीवर ट्रांसप्लांट के लिए पैसे लेकर जाने की बात व्यापारी ने कही थी।

चौकी के सूत्रों ने बताया कि पैरवी के दौरान चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने ऐसे किसी मामले से ही इंकार कर दिया था। नेता के अलावा कुछ और लोग भी पैरोकार के तौर पर चौकी तक गए थे। सूत्रों ने दावा किया कि जांच टीम अगर आलोक सिंह के मोबाइल की काॅल डिटेल और चौकी के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर ले तो इन पैरोकार की पहचान और उनके नाम भी सामने आ जाएंगे।

यह हुआ था
तीन अप्रैल को चेकिंग के दौरान बेनीगंज चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने व्यापारी नवीन कुमार श्रीवास्तव के 50 लाख रुपये छीन लिए थे। व्यापारी की शिकायत पर कोतवाली थाने में दरोगा आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से 44 लाख रुपये बरामद कर लिया था।

नवीन श्रीवास्तव की तहरीर पर कोतवाली थाने में चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव और तीन अज्ञात के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में केस कर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।

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