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Gorakhpur News: दो साल में बनेगी गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ सीवरलाइन, मार्च से शुरू होगा काम

Mon, 20 Feb 2023 10:11 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 20 Feb 2023 10:11 AM IST
सार

पहले फेज में गोड़धोइया नाले के आसपास 38 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया जाएगा। नाले में पानी शोधित करके गिराया जाएगा, तभी इसे रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित किया जा सकेगा।

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Sewerline will be built on both sides of Godhoiya drain in two years
गोड़धोइया नाला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ इंटरसेप्ट सीवर लाइन डाली जाएगी। इस सीवर लाइन को एसटीपी से जोड़ा जाएगा। मार्च 2025 तक इसे बनाने का लक्ष्य है। शासन से इस मद में बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर काम आवंटित करना है।

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सीवरलाइन बनने से 17 वार्डों के 2.20 लाख लोगों को राहत मिलेगी। अलग-अलग इंटरसेप्ट सीवर लाइन से इन वार्डों के गंदे पानी को एसटीपी में लाकर साफ किया जाएगा। इसके बाद पानी राप्ती नदी में छोड़ा जाएगा।
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जल निगम ने शहर के गोड़धोइया नाले के क्षेत्र में 17 वार्डों के घरों से निकलने वाली नाली के पानी को एसटीपी के माध्यम से साफ कर राप्ती नदी में छोड़ने की योजना बनाई है। पहले फेज में गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ इंटरसेप्ट सीवरलाइन बिछाई जाएगी। इस मद में 479 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इसका काम मार्च से शुरू हो सकता है।
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गोड़धोइया नाले की लंबाई करीब 13 किलोमीटर है। करीब 10 किलोमीटर लंबाई में नाला की रिमाॅडलिंग कराई जाएगी। इसे गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। परियोजना प्रबंधक रतन सेन सिंह ने बताया कि पहले फेज में नाले के दोनों तरफ सीवरलाइन बनाई जाएगी। इससे वार्डों की नाली में घरों से जाने वाला गंदा पानी एसटीपी में आकर साफ हो जाएगा। इसके बाद दूसरे फेज में काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है।

 

38 एमएलडी का बनेगा एसटीपी

पहले फेज में गोड़धोइया नाले के आसपास 38 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया जाएगा। नाले में पानी शोधित करके गिराया जाएगा, तभी इसे रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित किया जा सकेगा।

इन 17 वार्डों को जोड़ा जाएगा
दूसरे फेज में जिस 38 एमएलडी एसटीपी को बनाया जाएगा, उससे 17 वार्डों को जोड़ा जाएगा। जंगल तुलसीराम वेस्ट, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालीग्राम, जंगल तुलसीराम ईस्ट रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर, लोहियानगर जंगल नकहा, रामजानकी नगर, शक्तिनगर एवं चक्सा हुसैन के करीब 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को एसटीपी से जोड़ा जाएगा।

प्रोजेक्ट मैनेजर रतनसेन सिंह ने बताया कि दूसरे फेज का काम लगभग 750 करोड़ रुपये का है। इसकी डीपीआर बन रही है। चूंकि शासन की योजना के अनुसार कई काम होने हैं, ऐसे में अभी कुछ जेई और एई लखनऊ मुख्यालय जाकर कागजी प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसके बाद डीपीआर को अंतिम रूप देकर जल्द शासन को भेज दिया जाएगा।




 

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