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Gorakhpur News: सूक्ष्म जीवों और स्तन कैंसर पर शोध करेंगे डीडीयू के शिक्षक
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान विभाग के पांच शिक्षकों को अलग-अलग शोध व विकास कार्यों के लिए 12 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है।
डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह पूर्वांचल क्षेत्र के वनस्पतियों का एथनोफार्माकोलॉजिकल मूल्यांकन करेंगे। इसके तहत सूक्ष्म जीवों पर अध्ययन करेंगे। डॉ. सुशील कुमार डायमंड बैक मॉथ के नियंत्रण में पादप आधारित जैव कीटनाशकों एवं सिंथेटिक कीटनाशकों का तुलनात्मक मूल्यांकन करेंगे। डॉ. सुनील कुमार सिंह जलीय मछली चन्ना पंक्टेटस पर फाइटो कीटनाशकों के विषाक्त प्रभाव का अध्ययन करेंगे।
डॉ. सुनैना गौतम टाइप 2 मधुमेह मेलिटस में न्यूरोप्रोटेक्शन के लिए सिग्नलिंग पाथवे को नियंत्रित करने में फिकस रिलीजियोसा की चिकित्सीय क्षमता पर अध्ययन करेंगी। डॉ. मनीष प्रताप सिंह ट्रिपल नेगेटिव स्तन कैंसर में नए बायोमार्कर एवं चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान की दिशा में कार्य करेंगे।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग प्रो. शरद मिश्र व डॉ. पवन कुमार दोहरे को भी शोध परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। प्रो. शरद आर्सेनिक प्रतिरोधी लाभकारी जीवाणुओं की पहचान पर शोध करेंगे। डॉ. दोहरे पत्तियों एवं बीजों में उपस्थित जैव सक्रिय यौगिकों की पहचान करेंगे।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. रविकांत उपाध्याय व प्रो. दिनेश यादव आदि ने शुभकामनाएं दी हैं।
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डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह पूर्वांचल क्षेत्र के वनस्पतियों का एथनोफार्माकोलॉजिकल मूल्यांकन करेंगे। इसके तहत सूक्ष्म जीवों पर अध्ययन करेंगे। डॉ. सुशील कुमार डायमंड बैक मॉथ के नियंत्रण में पादप आधारित जैव कीटनाशकों एवं सिंथेटिक कीटनाशकों का तुलनात्मक मूल्यांकन करेंगे। डॉ. सुनील कुमार सिंह जलीय मछली चन्ना पंक्टेटस पर फाइटो कीटनाशकों के विषाक्त प्रभाव का अध्ययन करेंगे।
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डॉ. सुनैना गौतम टाइप 2 मधुमेह मेलिटस में न्यूरोप्रोटेक्शन के लिए सिग्नलिंग पाथवे को नियंत्रित करने में फिकस रिलीजियोसा की चिकित्सीय क्षमता पर अध्ययन करेंगी। डॉ. मनीष प्रताप सिंह ट्रिपल नेगेटिव स्तन कैंसर में नए बायोमार्कर एवं चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान की दिशा में कार्य करेंगे।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग प्रो. शरद मिश्र व डॉ. पवन कुमार दोहरे को भी शोध परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। प्रो. शरद आर्सेनिक प्रतिरोधी लाभकारी जीवाणुओं की पहचान पर शोध करेंगे। डॉ. दोहरे पत्तियों एवं बीजों में उपस्थित जैव सक्रिय यौगिकों की पहचान करेंगे।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. रविकांत उपाध्याय व प्रो. दिनेश यादव आदि ने शुभकामनाएं दी हैं।