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Gorakhpur News: डीडीयू में बन रही शिक्षकों की वरिष्ठता सूची, कई प्रोफेसर होंगे प्रभावित
Fri, 08 Dec 2023 01:57 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 08 Dec 2023 01:57 PM IST
सार
डीडीयू में कई असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जिन्होंने वरिष्ठता सूची का निर्धारण दोबारा तय करने की मांग की है। उनका दावा है कि वे पहले किसी दूसरे विश्वविद्यालय या वित्तपोषित कॉलेज में शिक्षक रहे थे, लेकिन उनका पिछला सर्विस रिकॉर्ड नहीं जुड़ सका है।
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DDU gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछले दो वर्षों से वरिष्ठता सूची को लेकर अटका मामले को अब निस्तारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वरिष्ठता सूची निर्धारित होने के बाद छह से ज्यादा प्रोफेसर के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
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डीडीयू में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची की समीक्षा अलग-अलग कारणों से समय-समय पर होती रही है। कई वर्षों बाद सितंबर 2020 में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई थी। करीब सवा साल बाद दिसंबर 2021 में फिर जारी की गई थी। वर्ष 2020 की सूची में एक संकाय के जो प्रोफेसर सीनियर थे, वर्ष 2021 की सूची में वे जूनियर बताए गए।
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इस तरह एक संकायाध्यक्ष तीन साल के कार्यकाल का महज एक साल ही पूरा कर सके थे। उन्हें विभागाध्यक्ष पद भी गंवाना पड़ा था। उसी संकाय के एक अन्य प्रोफेसर को भी विभागाध्यक्ष से हटना पड़ा था। प्रभावित शिक्षकों ने कुलपति से लेकर राजभवन तक इसकी शिकायत की थी। राजभवन से जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश डीडीयू प्रशासन को मिले तो वह फाइल भी कहीं दब गई।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शिक्षकों की शिकायत के बाद दो संकायाध्यक्षों की एक समिति गठित कर दी। बताते हैं कि इस समिति ने बीते दिनों इस मसले को लेकर सभी संबंधित सीनियर प्रोफेसरों को बुलाया था। उनमें से एक विभागाध्यक्ष न समिति के समक्ष प्रस्तुत हुए और न ही अपना जवाब ही दिया है। इसके बाद वह समिति उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर रही है।
पिछला सर्विस रिकार्ड नहीं जुड़ने की हुई है शिकायत
डीडीयू में कई असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जिन्होंने वरिष्ठता सूची का निर्धारण दोबारा तय करने की मांग की है। उनका दावा है कि वे पहले किसी दूसरे विश्वविद्यालय या वित्तपोषित कॉलेज में शिक्षक रहे थे, लेकिन उनका पिछला सर्विस रिकॉर्ड नहीं जुड़ सका है। इसके जुड़ जाने पर उनकी वरिष्ठता बढ़ जाएगी।
पिछला सर्विस रिकार्ड नहीं जुड़ने की हुई है शिकायत
डीडीयू में कई असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जिन्होंने वरिष्ठता सूची का निर्धारण दोबारा तय करने की मांग की है। उनका दावा है कि वे पहले किसी दूसरे विश्वविद्यालय या वित्तपोषित कॉलेज में शिक्षक रहे थे, लेकिन उनका पिछला सर्विस रिकॉर्ड नहीं जुड़ सका है। इसके जुड़ जाने पर उनकी वरिष्ठता बढ़ जाएगी।