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विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर बोले डॉ. शिवाजी-धर्म को जानना है तो खुद को जानो
Sat, 11 Jan 2020 10:12 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 11 Jan 2020 10:12 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
स्वामी विवेकानंद के अनुसार नास्तिक वह नहीं जो धर्म को न माने बल्कि वह है जो स्वयं को न जान पाए। यदि हमें धर्म को जानना है तो खुद को जानना जरूरी है। दिग्विजयनाथ एलटी प्रशिक्षण महाविद्यालय में व्याख्यान में यह बातें महाविद्यालय के डॉ. शिवाजी सिंह ने कही।
विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित व्याख्यान में महाविद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका डॉ. अनीता सिंह ने वेदांत दर्शन के प्रकाश में स्वामी विवेकानंद की बातों को बताने का प्रयास किया।
डॉ. शिवाजी सिंह ने विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर उनका व्यावहारिक अनुकरण करने पर बल दिया। ऐसा करने से ही धर्म संप्रदाय से ऊपर उठकर अपनी भारत की विशिष्टता की पहचान हो सकेगी। गोष्ठी में डॉ. गिरीश चंद्र पाठक, अमित सिंह, डॉ. शिव प्रताप सिंह, डॉ. सुनील केसरवानी, डॉ. सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, अभिलाषा कौशिक, डॉ. पंकज दुबे, डॉ. मधुसूदन सिंह एवं अन्य विद्यार्थी उपस्थित थे।
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विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित व्याख्यान में महाविद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका डॉ. अनीता सिंह ने वेदांत दर्शन के प्रकाश में स्वामी विवेकानंद की बातों को बताने का प्रयास किया।
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डॉ. शिवाजी सिंह ने विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर उनका व्यावहारिक अनुकरण करने पर बल दिया। ऐसा करने से ही धर्म संप्रदाय से ऊपर उठकर अपनी भारत की विशिष्टता की पहचान हो सकेगी। गोष्ठी में डॉ. गिरीश चंद्र पाठक, अमित सिंह, डॉ. शिव प्रताप सिंह, डॉ. सुनील केसरवानी, डॉ. सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, अभिलाषा कौशिक, डॉ. पंकज दुबे, डॉ. मधुसूदन सिंह एवं अन्य विद्यार्थी उपस्थित थे।
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