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Gorakhpur News: मददगार बनी सुरक्षा समितियां तो दबोचे गए तस्कर, विदेशी नागरिक भी पकड़ा
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- 300 से अधिक पगडंडियों के पास एडीजी के पहल पर गठित है 980 सुरक्षा समितियां
- एसएसबी और पुलिस को देते हैं गोपनीय सूचनाएं, एडीजी खुद करते हैं मानीटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नेपाल बॉर्डर पर पंगडंडियों की सुरक्षा के लिए गठित समितियां सक्रिय हुईं तो बड़ा गांजा तस्कर पकड़ा गया। वहीं, एक गांव में छिपकर रह रहा बंगलादेशी नागरिक भी दबोचा गया। इसी तरह से पुलिस और एसएसबी के पास कई गोपनीय सूचनाएं आने लगीं हैं। नेपाल बॉर्डर पर 300 से अधिक पगडंडियां हैं, जिसकी सुरक्षा के लिए अब तक 980 ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की जा चुकी हैं। इसकी मानीटरिंग खुद एडीजी अखिल कुमार करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, नेपाल बॉर्डर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्राम सुरक्षा समितियों के साथ ही आम नागरिकों की भी मदद ली जा रही है। प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस नेपाल से सटे सात जिलों में ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन कर चुकी है। एडीजी ने पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर आम लोगों की मदद मांगने की रणनीति पर काम किया तो इसका असर आने लगा है। हर गांव में 10 लोगों की टोली तैयार की गई है, जो हर गलत गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने लगी। पुलिस उनसे लगातार संपर्क में है। एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने इसे कवच नाम दिया है। दरअसल, एडीजी जोन को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। ग्राम सुरक्षा समिति में भूतपूर्व सैनिक या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले से नेपाल की 570 किलोमीटर सीमा लगी है। दोनों देश में आने जाने के लिए सोनौली, खूंनवा, रुपईडीहा के अलावा 300 से अधिक पगडंडियां हैं, जिससे होकर लोग आते-जाते हैं। इन रास्तों से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के घुसपैठ करने व तस्करी की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए ग्राम सुरक्षा समिति और अब आम लोगों की मदद ली जा रही है। हर छोटी बड़ी आपराधिक घटना की जानकारी देना इनकी जिम्मेदारी होगी।
.......
यह जानकारियां देती हैं समितियां
गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने की।
गांव में किसी के द्वारा कोई आपराधिक कृत्य करने की।
मादक पदार्थों के आवाजाही की।
देश विरोधी गतिविधि में किसी के भी संलिप्तता की।
- जिलों में गठित की गई हैं समितियां
अभियान के पहले चरण में ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की गई थी। इसके तहत महराजगंज में 219, सिद्धार्थनगर में 443, बलरामपुर में 24, श्रावस्ती में 115, बहराइच में 85, खीरी में 77, पीलीभीत में 17 समितियां गठित हो चुकी हैं।
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पगडंडियों पर बढ़ाई गई गश्त
पगडंडी के रास्ते भारत में आने और यहां से जाने वालों पर एसएसबी, खुफिया एजेंसियों के अलावा स्थानीय पुलिस भी नजर रख रही है। एडीजी के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे थानों की पुलिस अपने क्षेत्र में एसएसबी के साथ पेट्रोलिंग कर रही है। जिसकी रोजाना रिपोर्ट बनती है।
......
केस एक
20 मार्च 2023: नेपाल-महराजगंज सीमा से शीतलापुर बॉर्डर के पास से एसएसपी ने बंगलादेशी नागरिक को पकड़ा। बाद में उसे निचलौल पुलिस को सौंप दिया गया था। जांच में पता चला कि उसका नाम रियाल भोसाल है और वह धनदकोल, बेलीपोल, बंगलादेश का निवासी है। वह एक गांव में छिपकर रहता था। उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने कई जानकारियां हासिल की थी।
केस दो
19 फरवरी 2023: बिहार के सुपौल अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से एसएसबी ने सूचना के बाद 800 किलो गांजा बरामद किया था। इसमें भी एक तस्कर पकड़ा गया, जो गांव में छिपकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था और फिर तस्करी में मददगार बनता था। बाद में इस सूचना के बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली थी। पुलिस ने दो तस्कर इसी सूचना के बाद दबोचा था।
सीमावर्ती जिलों के एसपी के साथ बैठक कर रणनीति बनाकर काम किया गया है। छोटी-बड़ी सभी सूचनाएं पुलिस और एसएसबी के पास आने लगीं हैं। इसकी मदद से कई बड़े मामले भी खुले हैं। गांवों वालों से पुलिस लगातार संपर्क में रहकर घुसपैठ, अपराध रोकने पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
अखिल कुमार, एडीजी
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- एसएसबी और पुलिस को देते हैं गोपनीय सूचनाएं, एडीजी खुद करते हैं मानीटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नेपाल बॉर्डर पर पंगडंडियों की सुरक्षा के लिए गठित समितियां सक्रिय हुईं तो बड़ा गांजा तस्कर पकड़ा गया। वहीं, एक गांव में छिपकर रह रहा बंगलादेशी नागरिक भी दबोचा गया। इसी तरह से पुलिस और एसएसबी के पास कई गोपनीय सूचनाएं आने लगीं हैं। नेपाल बॉर्डर पर 300 से अधिक पगडंडियां हैं, जिसकी सुरक्षा के लिए अब तक 980 ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की जा चुकी हैं। इसकी मानीटरिंग खुद एडीजी अखिल कुमार करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, नेपाल बॉर्डर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्राम सुरक्षा समितियों के साथ ही आम नागरिकों की भी मदद ली जा रही है। प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस नेपाल से सटे सात जिलों में ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन कर चुकी है। एडीजी ने पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर आम लोगों की मदद मांगने की रणनीति पर काम किया तो इसका असर आने लगा है। हर गांव में 10 लोगों की टोली तैयार की गई है, जो हर गलत गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने लगी। पुलिस उनसे लगातार संपर्क में है। एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने इसे कवच नाम दिया है। दरअसल, एडीजी जोन को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। ग्राम सुरक्षा समिति में भूतपूर्व सैनिक या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले से नेपाल की 570 किलोमीटर सीमा लगी है। दोनों देश में आने जाने के लिए सोनौली, खूंनवा, रुपईडीहा के अलावा 300 से अधिक पगडंडियां हैं, जिससे होकर लोग आते-जाते हैं। इन रास्तों से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के घुसपैठ करने व तस्करी की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए ग्राम सुरक्षा समिति और अब आम लोगों की मदद ली जा रही है। हर छोटी बड़ी आपराधिक घटना की जानकारी देना इनकी जिम्मेदारी होगी।
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यह जानकारियां देती हैं समितियां
गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने की।
गांव में किसी के द्वारा कोई आपराधिक कृत्य करने की।
मादक पदार्थों के आवाजाही की।
देश विरोधी गतिविधि में किसी के भी संलिप्तता की।
- जिलों में गठित की गई हैं समितियां
अभियान के पहले चरण में ग्राम सुरक्षा समितियां गठित की गई थी। इसके तहत महराजगंज में 219, सिद्धार्थनगर में 443, बलरामपुर में 24, श्रावस्ती में 115, बहराइच में 85, खीरी में 77, पीलीभीत में 17 समितियां गठित हो चुकी हैं।
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पगडंडियों पर बढ़ाई गई गश्त
पगडंडी के रास्ते भारत में आने और यहां से जाने वालों पर एसएसबी, खुफिया एजेंसियों के अलावा स्थानीय पुलिस भी नजर रख रही है। एडीजी के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे थानों की पुलिस अपने क्षेत्र में एसएसबी के साथ पेट्रोलिंग कर रही है। जिसकी रोजाना रिपोर्ट बनती है।
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केस एक
20 मार्च 2023: नेपाल-महराजगंज सीमा से शीतलापुर बॉर्डर के पास से एसएसपी ने बंगलादेशी नागरिक को पकड़ा। बाद में उसे निचलौल पुलिस को सौंप दिया गया था। जांच में पता चला कि उसका नाम रियाल भोसाल है और वह धनदकोल, बेलीपोल, बंगलादेश का निवासी है। वह एक गांव में छिपकर रहता था। उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने कई जानकारियां हासिल की थी।
केस दो
19 फरवरी 2023: बिहार के सुपौल अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से एसएसबी ने सूचना के बाद 800 किलो गांजा बरामद किया था। इसमें भी एक तस्कर पकड़ा गया, जो गांव में छिपकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था और फिर तस्करी में मददगार बनता था। बाद में इस सूचना के बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली थी। पुलिस ने दो तस्कर इसी सूचना के बाद दबोचा था।
सीमावर्ती जिलों के एसपी के साथ बैठक कर रणनीति बनाकर काम किया गया है। छोटी-बड़ी सभी सूचनाएं पुलिस और एसएसबी के पास आने लगीं हैं। इसकी मदद से कई बड़े मामले भी खुले हैं। गांवों वालों से पुलिस लगातार संपर्क में रहकर घुसपैठ, अपराध रोकने पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
अखिल कुमार, एडीजी