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सख्ती: जुलूस में 'डीजे'- 'ऑटो-ई रिक्शा' में बजा 'लाल घाघरा; तो जुर्माना तय- और भी बदले गए नियम- जानिए क्यों
Tue, 08 Oct 2024 05:33 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 08 Oct 2024 05:33 PM IST
सार
जुलूसों में डीजे पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक पर्व पारंपरिक रूप से आयोजित होंगे, कोई भी नई प्रथा अथवा नए रूट का प्रयोग नहीं किया जाएगा। नए कानून में कोई भी व्यक्ति अपने घर के सामने, आंगन, बरामदे अथवा छत पर ईंट, पत्थर, तेजाब या ऐसी वस्तु नहीं रखेगा, जिससे फेंक कर मारे जाने से चोट लगे।
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ई-रिक्शा( सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऑटो और ई-रिक्शा में तेज आवाज में लाल घाघरा जैसे फूहड़ गाने और जुलूस में डीजे बजाए तो कार्रवाई होगी। प्रशासन ने नए कानून भारतीय न्याय संहिता की धारा-163 लागू कर दी है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों का चालान कर सीज किया जाएगा और जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) पुरुषोत्तम दास गुप्ता ने त्योहारों और विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं के दृष्टिगत सभी थाना क्षेत्रों में तीन दिसंबर 2024 तक के लिए ये प्रतिबंध लगा दिए हैं। पहले आईपीसी की धारा-144 थी, अब नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 हो गई है।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) पुरुषोत्तम दास गुप्ता ने त्योहारों और विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं के दृष्टिगत सभी थाना क्षेत्रों में तीन दिसंबर 2024 तक के लिए ये प्रतिबंध लगा दिए हैं। पहले आईपीसी की धारा-144 थी, अब नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 हो गई है।
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डीजे ( सांकेतिक)
नए कानून में ऑटो व ई-रिक्शा में तेज आवाज अथवा अश्लील संगीत नहीं बजाना है। इसके अलावा रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगा दी गई है।
जुलूसों में डीजे पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक पर्व पारंपरिक रूप से आयोजित होंगे, कोई भी नई प्रथा अथवा नए रूट का प्रयोग नहीं किया जाएगा। नए कानून में कोई भी व्यक्ति अपने घर के सामने, आंगन, बरामदे अथवा छत पर ईंट, पत्थर, तेजाब या ऐसी वस्तु नहीं रखेगा, जिससे फेंक कर मारे जाने से चोट लगे।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने 33 बिंदुओं को इंगित करते हुए आदेश जारी कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसका उल्लंघन करते पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
जुलूसों में डीजे पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक पर्व पारंपरिक रूप से आयोजित होंगे, कोई भी नई प्रथा अथवा नए रूट का प्रयोग नहीं किया जाएगा। नए कानून में कोई भी व्यक्ति अपने घर के सामने, आंगन, बरामदे अथवा छत पर ईंट, पत्थर, तेजाब या ऐसी वस्तु नहीं रखेगा, जिससे फेंक कर मारे जाने से चोट लगे।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने 33 बिंदुओं को इंगित करते हुए आदेश जारी कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसका उल्लंघन करते पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।