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Gorakhpur News: क्रिकेट टूर्नामेंट में 40 पंजी और अनगिनत वाइड से खुला सट्टेबाजी का राज
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खेल के व्हाट्सएप ग्रुपों में खिलाड़ियों का फूटा गुस्सा, जाहिर की नाराजगी
आयोजक सेट करता है मैच, उसे पता होता है कि मैच में अगली बॉल पर क्या होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। क्रिकेट टूर्नामेंट में डाफा एप के जरिए ऑनलाइन और स्पॉट सट्टेबाजी का खेल चल रहा था। इसमें आयोजक काे पहले से पता रहता था कि मैच में अगली बॉल पर क्या होने वाला है। इसके लिए वह पहले से खिलाड़ियों को सेट कर देता था। सेंट एंड्रयूज कॉलेज में आयोजित एक टूर्नामेंट पर गोरखपुर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है। साथ ही शहर के हर खेल के मैदान से लगाए व्हाट्सएप ग्रुपों में खिलाड़ियों के बीच इसकी खूब चर्चा हो रही है।
इस टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ली थीं। सूत्रों की मानें तो इनमें से कई टीमाें के कोच और खिलाड़ी भी सट्टेबाजी में शामिल थे। मैच के पहले ही कोच खिलाड़ियों से कौन सी बॉल पर क्या करना है, यह सेट कर लेते थे। इसके बाद बाहर बैठकर वह खुद सट्टा लगा रहे थे। इसके बदले खिलाड़ियों को भी हर मैच में 30 से 40 हजार रुपये तक फायदा दिया गया।
नेपाल की टीम से खेल चुका खिलाड़ी करा रहा था टूर्नामेंट
सूत्रों की मानें तो 19 एज ग्रुप में आयोजित इंटरनेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट नेपाल टीम से गोरखपुर का एक खिलाड़ी खेल चुका है। इसी खिलाड़ी द्वारा डाफा क्रिकेट मैच का आयोजन कराया जा रहा था। इस खिलाड़ी ने चार माह पहले भी एक टूर्नामेंट सेंट एंड्रयूज कॉलेज के मैदान पर कराया था। तब भी सट्टेबाजी की बात सामने आई थी
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इस तरह होती थी सट्टेबाजी
सूत्राें की मानें तो बॉलरों को पहले ही सेट किया जाता था। वह किस बॉल पर वाडड 0 और किस पर नो फेकेंगे यह उन्हें पहले ही बता दिया जाता था। उसी हिसाब से बॉलर बॉलिंग करते थे। इसी तरह बल्लेबाजों को भी सेट किया जाता था।
40 पंजी से खुली पोल
तीन दिन चले टूर्नामेंट में छह मैच आयोजित किए गए। आईपीएल की तर्ज पर 20-20 ओवरों का मैच होता था। छह मैच में 40 पंजी गई थी, यह जानकर हर कोई हैरान हो गया था। इसी तरह एक मैच में कई वाइड बॉल फेंकी गई थी। खिलाड़ियों की मानें तो ऐसा पहला टूर्नामेंट है, जिसमें इतनी वाइड और पंजी गई थी।
इस तरह लगती थी बेट
ऑनलाइन डाफा एप पर टॉस से लगाए प्रति बॉल बेट लगाई जा रही थी। पांच हजार से लगाए एक लाख रुपये तक की बेट लगती थी। इस एप के माध्यम से पहले सट्टा खेलने वालों से पहले ही अकाउंट में रुपये जमा करा लिए जाते हैं। इसके बाद उसी रुपये से वह सट्टा खेलते हैं। मुनाफा होने पर तुंरत उनके अकाउंट में रुपये पहुंच जाते हैं। वहीं ग्राउंड पर कैश रुपये लेकर भी ढेरों लोग सट्टा लगा रहे थे।
गर्मी के कारण टूर्नामेंट स्थगित करना पड़ा है। हमारा काम प्रतियोगिता कराने को लेकर अनुमति दिलाना है। अगर कोई नियम का उल्लंघन कर रहा है तो भविष्य में उसे अनुमति नहीं दी जाएगी।
- गजेंद्र तिवारी, मंडलीय सचिव, गोरखपुर क्रिकेट एसोसिएशन
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आयोजक सेट करता है मैच, उसे पता होता है कि मैच में अगली बॉल पर क्या होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। क्रिकेट टूर्नामेंट में डाफा एप के जरिए ऑनलाइन और स्पॉट सट्टेबाजी का खेल चल रहा था। इसमें आयोजक काे पहले से पता रहता था कि मैच में अगली बॉल पर क्या होने वाला है। इसके लिए वह पहले से खिलाड़ियों को सेट कर देता था। सेंट एंड्रयूज कॉलेज में आयोजित एक टूर्नामेंट पर गोरखपुर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है। साथ ही शहर के हर खेल के मैदान से लगाए व्हाट्सएप ग्रुपों में खिलाड़ियों के बीच इसकी खूब चर्चा हो रही है।
इस टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ली थीं। सूत्रों की मानें तो इनमें से कई टीमाें के कोच और खिलाड़ी भी सट्टेबाजी में शामिल थे। मैच के पहले ही कोच खिलाड़ियों से कौन सी बॉल पर क्या करना है, यह सेट कर लेते थे। इसके बाद बाहर बैठकर वह खुद सट्टा लगा रहे थे। इसके बदले खिलाड़ियों को भी हर मैच में 30 से 40 हजार रुपये तक फायदा दिया गया।
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नेपाल की टीम से खेल चुका खिलाड़ी करा रहा था टूर्नामेंट
सूत्रों की मानें तो 19 एज ग्रुप में आयोजित इंटरनेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट नेपाल टीम से गोरखपुर का एक खिलाड़ी खेल चुका है। इसी खिलाड़ी द्वारा डाफा क्रिकेट मैच का आयोजन कराया जा रहा था। इस खिलाड़ी ने चार माह पहले भी एक टूर्नामेंट सेंट एंड्रयूज कॉलेज के मैदान पर कराया था। तब भी सट्टेबाजी की बात सामने आई थी
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इस तरह होती थी सट्टेबाजी
सूत्राें की मानें तो बॉलरों को पहले ही सेट किया जाता था। वह किस बॉल पर वाडड 0 और किस पर नो फेकेंगे यह उन्हें पहले ही बता दिया जाता था। उसी हिसाब से बॉलर बॉलिंग करते थे। इसी तरह बल्लेबाजों को भी सेट किया जाता था।
40 पंजी से खुली पोल
तीन दिन चले टूर्नामेंट में छह मैच आयोजित किए गए। आईपीएल की तर्ज पर 20-20 ओवरों का मैच होता था। छह मैच में 40 पंजी गई थी, यह जानकर हर कोई हैरान हो गया था। इसी तरह एक मैच में कई वाइड बॉल फेंकी गई थी। खिलाड़ियों की मानें तो ऐसा पहला टूर्नामेंट है, जिसमें इतनी वाइड और पंजी गई थी।
इस तरह लगती थी बेट
ऑनलाइन डाफा एप पर टॉस से लगाए प्रति बॉल बेट लगाई जा रही थी। पांच हजार से लगाए एक लाख रुपये तक की बेट लगती थी। इस एप के माध्यम से पहले सट्टा खेलने वालों से पहले ही अकाउंट में रुपये जमा करा लिए जाते हैं। इसके बाद उसी रुपये से वह सट्टा खेलते हैं। मुनाफा होने पर तुंरत उनके अकाउंट में रुपये पहुंच जाते हैं। वहीं ग्राउंड पर कैश रुपये लेकर भी ढेरों लोग सट्टा लगा रहे थे।
गर्मी के कारण टूर्नामेंट स्थगित करना पड़ा है। हमारा काम प्रतियोगिता कराने को लेकर अनुमति दिलाना है। अगर कोई नियम का उल्लंघन कर रहा है तो भविष्य में उसे अनुमति नहीं दी जाएगी।
- गजेंद्र तिवारी, मंडलीय सचिव, गोरखपुर क्रिकेट एसोसिएशन