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Gorakhpur News: गर्मी की तेज मार से पहले आ गए राहत देने वाले मौसमी फल
Thu, 18 Apr 2024 04:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 18 Apr 2024 04:53 AM IST
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फोटो्र
- तरबूज, खरबूज, खीरा, कपड़े और बेल की बढ़ गई मांग
-लू और मौसमी बीमारियों से बचाते हैं मौसमी फल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। असहनीय धूप और पछुआ हवा से गर्मी अपने तेवर दिखा रही है तो प्रकृति ने इसके पहले ही मौसमी फल तैयार कर दिए हैं। गर्मी की मार ज्यादा तेज होने से पहले ही तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी और बेल एवं नीबू आ गए हैं। जानकारों के अनुसार इन फलों का सेवन करने से लू और मौसमी बीमारियों से बचाव होगा और सेहत अच्छी रहेगी।
महेवा फलमंडी में हर दिन 5-7 ट्रक तरबूज पहुंच रहा है, जबकि 4-5 ट्रक खरबूज बिक जा रहा है। इसी प्रकार 15-20 पिकअप खीरा खप जा रहा है, जबकि 100 से 150 बोरी बेल भी लोग खरीद ले जा रहे हैं। रमजान और नवरात्र की मांग समाप्त होने के बावजूद भी इन फलों की मांग बढ़ी हुई है। इसका कारण यह है कि इन फलों व सलाद से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रो. दिव्यारानी सिंह ने बताया कि पहले की अपेक्षा व्यस्तता अधिक है। कभी-कभी लोगों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है और उन्हें पता भी नहीं चलता है। सेहत बिगड़ जाती है। तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी में पानी के तत्व 80 प्रतिशत से अधिक होते हैं, जबकि अन्य आवश्यक तत्व भी होते हैं। इन फलों के सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है, लू से भी बचाव होता है।बेल से पाचन शक्ति अच्छी होती है, जबकि नीबू और पुदीना भी गर्मी के मौसम में अधिक फायदेमंद हैं।
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तरबूज और खीरा
फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम, मैग्निशियम और एंटीऑक्सीडेंट की भरमार है। ये हीटस्ट्रोक और लू से बचाने में भी मददगार है। गर्मियों में तरावट के लिए तरबूज जरूर खाए। हालांकि, इसे खाने के बाद पानी पीने से बचना चाहिए। गर्मी के मौसम में खीरा खाना सबसे सेहतमंद माना जाता है। यह एक ऐसी सब्जी है जो आपके डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करती है। विटामिन के, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होने के साथ इसमें 95 फीसदी पानी होता है। इसमें कैलरी की मात्रा बहुत कम होती है। खीरा बॉडी के लिए बेहतरीन डिटॉक्सिफायर भी है और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचा जा सकता है।
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फल मंडी के व्यापारी प्रदीप सोनकर ने बताया कि महाराष्ट्र व मघ्यप्रदेश से तरबूज आ रहा है, जबकि दस दिन में गोरखपुर व आसपास के क्षेत्रों में होने वाला तरबूज आ जाएगा। गर्मी के कारण इसकी मांग अधिक है। स्थानीय फल आएंगे तो दाम में गिरावट आएगी। इसी प्रकार बिहार, उन्राव, कानपुर से खरबूज आ रहा है, जब स्थानीय क्षेत्र में नदियों के किनारे बाबी प्रजाति में फल आ जाएंगे तो लोगों को कुछ सस्ता फल मिलेगा। मंडी के फल व्यापारी जोगिंदर निषाद ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र से हर दिन 100 से 150 बोरी बेल आ रहा है, जो 700 से 800 रुपये बोरी बिक रहा है। कुछ दिन बाद प्रयागराज से मप्र वाले बेल आएंगे तो बेल और सस्ता हो जाएगा।
सब्जी व्यापारी अवध गुप्ता ने बताया कि प्रयागराज और वाराणसी से भी खीरा आता है, लेकिन गोरखपुर के पिपराइच, खोराबार, बड़हजगंज, नदवा एवं आसपास के क्षेत्रों में काफी मात्रा में खीरा पैदा हो रहा है।
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फलों के दाम
फल व सब्जी- रुपये
तरबूज- 15-16
खरबूज- 28-30
खीरा- 7-8
ककड़ी- 20-22
बेल- 20-25 पीस
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- तरबूज, खरबूज, खीरा, कपड़े और बेल की बढ़ गई मांग
-लू और मौसमी बीमारियों से बचाते हैं मौसमी फल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। असहनीय धूप और पछुआ हवा से गर्मी अपने तेवर दिखा रही है तो प्रकृति ने इसके पहले ही मौसमी फल तैयार कर दिए हैं। गर्मी की मार ज्यादा तेज होने से पहले ही तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी और बेल एवं नीबू आ गए हैं। जानकारों के अनुसार इन फलों का सेवन करने से लू और मौसमी बीमारियों से बचाव होगा और सेहत अच्छी रहेगी।
महेवा फलमंडी में हर दिन 5-7 ट्रक तरबूज पहुंच रहा है, जबकि 4-5 ट्रक खरबूज बिक जा रहा है। इसी प्रकार 15-20 पिकअप खीरा खप जा रहा है, जबकि 100 से 150 बोरी बेल भी लोग खरीद ले जा रहे हैं। रमजान और नवरात्र की मांग समाप्त होने के बावजूद भी इन फलों की मांग बढ़ी हुई है। इसका कारण यह है कि इन फलों व सलाद से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
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दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रो. दिव्यारानी सिंह ने बताया कि पहले की अपेक्षा व्यस्तता अधिक है। कभी-कभी लोगों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है और उन्हें पता भी नहीं चलता है। सेहत बिगड़ जाती है। तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी में पानी के तत्व 80 प्रतिशत से अधिक होते हैं, जबकि अन्य आवश्यक तत्व भी होते हैं। इन फलों के सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है, लू से भी बचाव होता है।बेल से पाचन शक्ति अच्छी होती है, जबकि नीबू और पुदीना भी गर्मी के मौसम में अधिक फायदेमंद हैं।
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तरबूज और खीरा
फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम, मैग्निशियम और एंटीऑक्सीडेंट की भरमार है। ये हीटस्ट्रोक और लू से बचाने में भी मददगार है। गर्मियों में तरावट के लिए तरबूज जरूर खाए। हालांकि, इसे खाने के बाद पानी पीने से बचना चाहिए। गर्मी के मौसम में खीरा खाना सबसे सेहतमंद माना जाता है। यह एक ऐसी सब्जी है जो आपके डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करती है। विटामिन के, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होने के साथ इसमें 95 फीसदी पानी होता है। इसमें कैलरी की मात्रा बहुत कम होती है। खीरा बॉडी के लिए बेहतरीन डिटॉक्सिफायर भी है और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचा जा सकता है।
फल मंडी के व्यापारी प्रदीप सोनकर ने बताया कि महाराष्ट्र व मघ्यप्रदेश से तरबूज आ रहा है, जबकि दस दिन में गोरखपुर व आसपास के क्षेत्रों में होने वाला तरबूज आ जाएगा। गर्मी के कारण इसकी मांग अधिक है। स्थानीय फल आएंगे तो दाम में गिरावट आएगी। इसी प्रकार बिहार, उन्राव, कानपुर से खरबूज आ रहा है, जब स्थानीय क्षेत्र में नदियों के किनारे बाबी प्रजाति में फल आ जाएंगे तो लोगों को कुछ सस्ता फल मिलेगा। मंडी के फल व्यापारी जोगिंदर निषाद ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र से हर दिन 100 से 150 बोरी बेल आ रहा है, जो 700 से 800 रुपये बोरी बिक रहा है। कुछ दिन बाद प्रयागराज से मप्र वाले बेल आएंगे तो बेल और सस्ता हो जाएगा।
सब्जी व्यापारी अवध गुप्ता ने बताया कि प्रयागराज और वाराणसी से भी खीरा आता है, लेकिन गोरखपुर के पिपराइच, खोराबार, बड़हजगंज, नदवा एवं आसपास के क्षेत्रों में काफी मात्रा में खीरा पैदा हो रहा है।
फलों के दाम
फल व सब्जी- रुपये
तरबूज- 15-16
खरबूज- 28-30
खीरा- 7-8
ककड़ी- 20-22
बेल- 20-25 पीस