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आईएमए के पदाधिकारियों ने मेडिकल बोर्ड पर उठाया सवाल, बोले- खोले जाएं सील अल्ट्रासाउंड सेंटर
Sun, 03 Jan 2021 11:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2021 11:40 AM IST
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बैठक करते आईएमए के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की गलत रिपोर्ट देने के मामले में जिन चार डॉक्टरों पर मुकदमा और अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किया गया है, यह नियम के विपरीत है। इस मामले में डायग्नोसिस में कोई गलती नहीं हुई है। क्योंकि शोध में यह बात सामने आ चुकी है कि अल्ट्रासाउंड मशीन गर्भस्थ शिशु के लिंब को 18 फीसदी ही पकड़ पाती है। 82 प्रतिशत केस पकड़ में नहीं आता है। इसके बाद भी डॉक्टरों पर छल और धोखाधड़ी के केस दर्ज कर लिए गए हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री से रविवार यानी आज मुलाकात की जाएगी।
ये बातें आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने शनिवार को सीतापुर आई हॉस्पिटल स्थित आईएमए के कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं था, जो अल्ट्रासाउंड मशीन की सीमा को समझ सके।
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ये बातें आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने शनिवार को सीतापुर आई हॉस्पिटल स्थित आईएमए के कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं था, जो अल्ट्रासाउंड मशीन की सीमा को समझ सके।
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नए मेडिकल बोर्ड का हो गठन
अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक अल्ट्रासाउंड मशीन गर्भस्थ शिशु के फोर लिंब (दोनों हाथ-पैर) की स्थिति को पकड़ने में मात्र 18 फीसदी ही सक्षम है। इसीलिए चार जगहों पर कराए गए अल्ट्रासाउंड में इस गर्भस्थ शिशु के हाथ की सही स्थिति पता नहीं चल सकी। इसमें डॉक्टर का कोई दोष नहीं है। अल्ट्रासाउंड मशीनें सील किए जाने से मरीजों को परेशानी हो रही है। इसे तत्काल खोला जाना चाहिए और डॉक्टरों के खिलाफ छल व धोखाधड़ी के मुकदमे वापस होने चाहिए। इस दौरान डॉ. अंजू मिश्रा, आईएमए मीडिया प्रभारी डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. अजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।
डॉ. वीएन अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच के लिए नए सिरे से मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। इसमें एम्स सहित बीआरडी के रेडियोलॉजिस्ट की टीम मौजूद रहें। जिससे की सही जानकारी मिल सके। कहा कि इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को मुलाकात की जाएगी। मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
डॉ. वीएन अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच के लिए नए सिरे से मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। इसमें एम्स सहित बीआरडी के रेडियोलॉजिस्ट की टीम मौजूद रहें। जिससे की सही जानकारी मिल सके। कहा कि इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को मुलाकात की जाएगी। मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।