गोरखपुर में त्रिनेत्र का शिकंजा: कैमरों से अपराधी-मनचले खौफ में... आधी आबादी बेखौफ
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि ऑपरेशन त्रिनेत्र में 91 लोगों की मदद से 176 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसका फायदा हुआ है कि आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। आरोपी जल्दी पकड़े गए हैं। हर घर कैमरा अभियान की भी शुरुआत की गई है, जिसमें लोग आगे आ रहे हैं। जल्द ही हर जगह कैमरा होगा, जिससे अपराध पर अंकुश लगेगा।
विस्तार
गोरखपुर में त्रिनेत्र (सीसीटीवी कैमरे) की मदद से पुलिस चंद दिनों में ही बदमाशों को जेल के सलाखों के पीछे भेजने में कामयाब हो रही है। पिछले दस महीनों में गोरखपुर रेंज के 488 मामलों के पर्दाफाश में पुलिस को सीसीटीवी कैमरों की मदद से कामयाबी मिली है। इतना ही नहीं, कैमरों की मदद से केस खुलने के बाद फुटेज को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर भी इस्तेमाल कर रही है। इसका फायदा आरोपियों को सजा दिलाने में मिलेगा।
एडीजी अखिल कुमार ने ऑपरेशन त्रिनेत्र की शुरुआत कर जनप्रतिनिधि, व्यापारियों व संभ्रात लोगों की मदद से जगह-जगह कैमरे लगवाने की शुरुआत की। इसका असर रहा कि गोरखपुर शहर में 176 जगहों पर कैमरे लग चुके हैं। अब प्रधानों की मदद से गांवों में भी लगाए जा रहे हैं। एडीजी ने अब हर घर कैमरे के अभियान में तेजी लाने के लिए पुलिस को निर्देशित किया है। जिसके घर के कैमरे की मदद से घटनाएं खुलती हैं, एडीजी वहां जाकर परिवार को सम्मानित भी करते हैं।
केस एक
20 फरवरी 2023 को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर उत्तरी में अनूप शर्मा को लोहे के रॉड और डंडे से सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था। बदमाश उसे मरा समझकर छोड़ गए थे। जहां पर वारदात हुई थी, पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुलिस ने बदमाशों की पहचान कर ली और 24 घंटे के भीतर ही वे दबोच लिए गए। पुलिस विवेचना में फुटेज को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर भी इस्तेमाल कर रही है।
केस दो
28 फरवरी 2023 को सहजनवां इलाके के लुचुई के पास महिला होमगार्ड रेनू से बाइक सवार बदमाशों ने झुमका लूट लिया। कान पर बहुत ज्यादा घाव न होने की वजह से पहले तो पुलिस को भी यकीन नहीं हुआ, लेकिन फिर सीसीटीवी कैमरे को खंगाला तो घटना कारित होते नजर आया। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की भी पहचान कर ली है।
केस तीन
20 फरवरी 2023 को गुलरिहा पुलिस ने लूट करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया था। बदमाशों ने इलाके में दो घटनाओं को अंजाम देकर 6.19 लाख रुपये, 50 हजार नकद व टैबलेट लूट लिए थे। पुलिस ने दोनों ही घटनाओं में शामिल एक ही गिरोह के तीन बदमाशों को सीसीटीवी कैमरों की मदद से गिरफ्तार किया था। बदमाश के इन्कार करने पर पुलिस ने फुटेज दिखाया, जिसके बाद बदमाशों ने कबूल किया और नकदी बरामद कराया।
केस चार
25 फरवरी को उरुवा बाजार पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से दो घंटे में चोरी बाइक को बरामद कर लिया। चोरी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपी की पहचान की और फिर चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में छिपकर खड़े युवक को पकड़ा और फिर उसकी निशानदेही पर बाइक बरामद कर लिया।
कैमरा होता तो इन घटनाओं का भी हो जाता पर्दाफाश
- 24 जून 2022 को बड़हलगंज के शनिचरा पट्टी दुबे गांव में सब्जी विक्रेता राजेंद्र दुबे की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पर्दाफाश हुआ, लेकिन शूटर आज तक नहीं पकड़े गए।
- 6 अप्रैल 2022 को बांसगांव थाना क्षेत्र के बहोरवा गांव निवासी रुद्र राजभर के बेटे लक्ष्य उर्फ गोलू की छह अप्रैल को गांव में ही हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। आज तक पर्दाफाश नहीं हो सका।
- सिकरीगंज में बच्चे का सिर काटकर फेंका गया था।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि ऑपरेशन त्रिनेत्र में 91 लोगों की मदद से 176 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसका फायदा हुआ है कि आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। आरोपी जल्दी पकड़े गए हैं। हर घर कैमरा अभियान की भी शुरुआत की गई है, जिसमें लोग आगे आ रहे हैं। जल्द ही हर जगह कैमरा होगा, जिससे अपराध पर अंकुश लगेगा। इससे लोग खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे और अपराध होने की दशा में आरोपी बच नहीं पाएगा।