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Gorakhpur News: औषधीय पौधों को स्कैन कर उपयोगी तत्व खोज लेगा एआई

Wed, 25 Mar 2026 02:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 02:44 AM IST
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Scientists from several institutions conducted research for two years, testing approximately 50 medicinal plants.
डॉ. तूलिका मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान, डीडीयू।
गोरखपुर। औषधीय पौधों को स्कैन कर एआई उनमें से उपयोगी तत्व खोज लेगा। इस नवाचार से दवा खोजने की प्रक्रिया पहले से न सिर्फ अधिक तेज और सटीक होगी बल्कि किफायती भी बन जाएगी। इस पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तूलिका मिश्रा ने रिसर्च किया है। उनके रिसर्च और डिजाइन को यूनाइटेड किंगडम (यूके) से पेटेंट मिला है।
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डॉ. तूलिका के साथ ही देश के अलग-अलग संस्थानों के वैज्ञानिकों ने लगभग दो वर्ष तक रिसर्च किया। इस दौरान लगभग 50 औषधीय पौधों की स्क्रीनिंग की गई। बेहतरीन परिणाम आने के बाद पेटेंट के लिए आवेदन दाखिल किया गया। अब इस डिजाइन को यूके से पेटेंट मिला है।
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इस रिसर्च में औषधीय पौधों में जैव सक्रिय यौगिकों की एआई आधारित तीव्र पहचान की गई। यह पेटेंट एक उन्नत तकनीकी प्रणाली से संबंधित है, जो औषधीय पौधों के यौगिकों की तेजी से स्क्रीनिंग कर उनकी संभावित उपयोगिता का आकलन करने में सहायक है। इस कार्य को पारंपरिक वनस्पति ज्ञान और आधुनिक एआई तकनीक के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। यह भविष्य में औषधीय अनुसंधान एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में नई दिशा प्रदान कर सकता है।
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डॉ. तूलिका ने बताया कि यह एक डिजाइन पेटेंट है। इसके तहत एआई टेक्नोलाॅजी का प्रयोग करते हुए किसी पौधे के बायोऑब्जेक्टिव केमिकल का विश्लेषण जैसे अलकालॉयड, स्टेरायड, फेनॉल, टैनिंस की पहचान की जा सकती है।




डॉ. तूलिका का यह पांचवां पेटेंट

डॉ. तूलिका मिश्रा का यह पांचवां पेटेंट है, जिसमें एक कॉपीराइट भी शामिल है। वर्तमान रिसर्च में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के वैज्ञानिकों ने योगदान दिया है। इनमें डॉ. तूलिका मिश्रा के अलावा डॉ. सीमा मंडल, डॉ. परशावेनी बालाराजू, राज्यलक्ष्मी मिश्रा, डॉ. सीमा नारखेडे, डॉ. थोडूर मनोहरन विजयलक्ष्मी और डॉ. रुचिका श्रीवास्तव शामिल हैं।


इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय बल्कि देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। एआई के सहयोग से किया गया यह नवाचार संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यह पेटेंट हासिल करने वाली पूरी टीम को बधाई।
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