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राहत : यूबीआई और ओबीसी के चेकों का भी कर सकेंगे इस्तेमाल
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राहत : यूबीआई और ओबीसी के चेकों का भी कर सकेंगे इस्तेमाल
गोरखपुर। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के खाताधारकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं झेलनी होगी। इन दोनों ही बैंकों के खाताधारक अपने पुराने चेक के जरिए भी रकम की निकासी या अन्य बैकिंग कार्य में इस्तेमाल कर सकेंगे।
पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के विलय की प्रक्रिया पूरी हो गई। बृहस्पतिवार से तीनों बैंक एक सिस्टम पर काम करने लगे हैं। यानी तीनों बैंक के कर्मचारी एक-दूसरे के बैंकों के खाताधारकों की किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं। ओबीसी व यूबीआई की सभी आठ शाखाएं बृहस्पतिवार को पीएनबी के सर्वर पर काम करने लगीं। इस विलय के लागू होने के कारण इन दोनों ही बैंकों के करीब सवा लाख खाताधारकों के एकाउंट के अब आईएफएससी कोड बदल गए हैं। ऐसे में इन खाताधारकों को लेन-देन के लिए अब बदले आईएफएससी कोड का इस्तेमाल करना होगा।
पीएनबी के खाताधारकों की संख्या अब 13.25 लाख
इस विलय के पहले तक पीएनबी की मंडल में 65 शाखाओं में करीब 12 लाख खाताधारक थे। अब विलय के बाद मण्डल में शाखाओं की संख्या बढ़कर 73 हो गई है। खाताधारकों की संख्या भी बढ़कर करीब 13.25 लाख हो गई है।
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फिनायकल 10 सॉफ्टेवयर पर काम करेंगे तीनों बैंक
पीएनबी मंडलीय कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक मार्केटिंग श्याम कुमार ने बताया कि बैंक में फिनायकल 10 सॉफ्टेवयर पर काम होता है। इसमें 16 डिजिट का एकाउंट नंबर होता है। जबकि ओबीसी व यूनाइटेड बैंक में फिनायकल-7 सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हो रहा था। नए सॉफ्टवेयर में भी 16 डिजिट का एकाउंट नंबर इस्तेमाल में होता है। ऐसे में विलय वाली शाखाओं के खाताधारकों के एकाउंट नंबर तो वहीं रहेंगे, मगर आईएफएससी कोड अब बदल जाएगा। उनके आईएफएससी कोड में शुरुआत में ओबीसी होता था जबकि यहां के आईएफएससी कोड में पीएनबी होता है।
इस विलय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अन्य दोनों बैंक के खाताधारकों के खाता संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही ओबीसी और यूबीआई के खाताधारक अपने पुराने चेक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि अगर वह चाहें तो नए चेक बुक के लिए बैंक शाखा में संपर्क कर सकते हैं। या फिर ऑनलाइन आवेदन देकर मंगा सकते हैं।
-राजीव जैन, मंडल प्रमुख, पंजाब नेशनल बैंक
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गोरखपुर। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के खाताधारकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं झेलनी होगी। इन दोनों ही बैंकों के खाताधारक अपने पुराने चेक के जरिए भी रकम की निकासी या अन्य बैकिंग कार्य में इस्तेमाल कर सकेंगे।
पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के विलय की प्रक्रिया पूरी हो गई। बृहस्पतिवार से तीनों बैंक एक सिस्टम पर काम करने लगे हैं। यानी तीनों बैंक के कर्मचारी एक-दूसरे के बैंकों के खाताधारकों की किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं। ओबीसी व यूबीआई की सभी आठ शाखाएं बृहस्पतिवार को पीएनबी के सर्वर पर काम करने लगीं। इस विलय के लागू होने के कारण इन दोनों ही बैंकों के करीब सवा लाख खाताधारकों के एकाउंट के अब आईएफएससी कोड बदल गए हैं। ऐसे में इन खाताधारकों को लेन-देन के लिए अब बदले आईएफएससी कोड का इस्तेमाल करना होगा।
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पीएनबी के खाताधारकों की संख्या अब 13.25 लाख
इस विलय के पहले तक पीएनबी की मंडल में 65 शाखाओं में करीब 12 लाख खाताधारक थे। अब विलय के बाद मण्डल में शाखाओं की संख्या बढ़कर 73 हो गई है। खाताधारकों की संख्या भी बढ़कर करीब 13.25 लाख हो गई है।
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फिनायकल 10 सॉफ्टेवयर पर काम करेंगे तीनों बैंक
पीएनबी मंडलीय कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक मार्केटिंग श्याम कुमार ने बताया कि बैंक में फिनायकल 10 सॉफ्टेवयर पर काम होता है। इसमें 16 डिजिट का एकाउंट नंबर होता है। जबकि ओबीसी व यूनाइटेड बैंक में फिनायकल-7 सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हो रहा था। नए सॉफ्टवेयर में भी 16 डिजिट का एकाउंट नंबर इस्तेमाल में होता है। ऐसे में विलय वाली शाखाओं के खाताधारकों के एकाउंट नंबर तो वहीं रहेंगे, मगर आईएफएससी कोड अब बदल जाएगा। उनके आईएफएससी कोड में शुरुआत में ओबीसी होता था जबकि यहां के आईएफएससी कोड में पीएनबी होता है।
इस विलय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अन्य दोनों बैंक के खाताधारकों के खाता संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही ओबीसी और यूबीआई के खाताधारक अपने पुराने चेक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि अगर वह चाहें तो नए चेक बुक के लिए बैंक शाखा में संपर्क कर सकते हैं। या फिर ऑनलाइन आवेदन देकर मंगा सकते हैं।
-राजीव जैन, मंडल प्रमुख, पंजाब नेशनल बैंक