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Gorakhpur News: पूर्वोत्तर रेलवे की प्रथम महिला महाप्रबंधक बनीं सौम्या माथुर, आज कार्यभार करेंगी ग्रहण
Wed, 01 Nov 2023 12:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:16 PM IST
सार
पूर्वोत्तर रेलवे 14 अप्रैल, 1952 को अस्तित्व में आया था। अवध तिरहुत रेलवे, असम रेलवे और पुरानी बीबी एंड सीआई. रेलवे के फतेहगढ़ जिले को मिलाकर इसका गठन किया गया। प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने इसका उद्घाटन किया था। 15 जनवरी 1958 को उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे का गठन किया गया। इसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर बन गया।
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सौम्या माथुर, महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक चंद्रवीर रमण का तबादला हो गया है। उनकी जगह रेलवे बोर्ड ने अपर सदस्य (वित्त) सौम्या माथुर काे पूर्वोत्तर रेलवे का नया महाप्रबंधक नियुक्त किया है। वह पूर्वोत्तर रेलवे की प्रथम महिला महाप्रबंधक हैं, 1952 में गठन के बाद अब तक किसी महिला अधिकारी को महाप्रबंधक नहीं बनाया गया था। वह बुधवार को कार्यभार ग्रहण करेंगी।
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एनईआर की नई जीएम सौम्या माथुर ने भारतीय रेल लेखा सेवा (आईआरएएस) के 1987 बैच के माध्यम से रेल सेवा में प्रवेश किया। पहली नियुक्ति वडोदरा, पश्चिम रेलवे में हुई। इन्होंने पश्चिम, उत्तर एवं मध्य रेलवे में लेखा विभाग के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
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इसके अलावा वह अपर मंडल रेल प्रबंधक, पश्चिम रेलवे/मुंबई सेंट्रल, मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे/जयपुर, प्रधान वित्त सलाहकार/मेट्रो रेलवे/कोलकाता तथा प्रधान वित्त सलाहकार/दक्षिण पूर्व रेलवे/कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं। मंडल रेल प्रबंधक जयपुर के रूप में भी कार्य किया है। इनके कार्यकाल में जयपुर स्टेशन को प्लैटिनम ग्रीन रेटिंग मिला था।
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सौम्या माथुर ने गांधीनगर-जयपुर रूट को पूर्ण रूप से महिला मुख्य लाइन स्टेशन के रूप में भी सफलतापूर्वक संचालित कराया। रेलवे बोर्ड द्वारा बदलाव की पहल के लिए इन्हें बेस्ट चेंज एजेंट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन इनिशिएटिव का विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा इन्होंने जेआईसीए (जापान), आईएनएसईएडी (सिंगापुर) एवं आईसीएलआईएफ. (मलेशिया) में उच्च प्रबंधक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है। सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि नई जीएम को रचनात्मक लेखन में भी गहरी रुचि है।
14 अप्रैल 1952 को वजूद में आया था पूर्वोत्तर रेलवे
पूर्वोत्तर रेलवे 14 अप्रैल, 1952 को अस्तित्व में आया था। अवध तिरहुत रेलवे, असम रेलवे और पुरानी बीबी एंड सीआई. रेलवे के फतेहगढ़ जिले को मिलाकर इसका गठन किया गया। प्रथम प्रधान मंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने इसका उद्घाटन किया था। 15 जनवरी 1958 को उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे का गठन किया गया। इसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर बन गया। वर्तमान में पूर्वोत्तर रेलवे में तीन मंडल हैं, जिनके मुख्यालय वाराणसी, लखनऊ और इज्जतनगर है।