{"_id":"6ab6e4c8d4d2180b880678c0","slug":"satish-prajapati-granted-bail-welcomed-by-supporters-upon-his-release-from-jail-late-in-the-evening-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1464006-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सतीश प्रजापति को जमानत, देर शाम जेल से बाहर निकलने पर समर्थकों ने किया स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सतीश प्रजापति को जमानत, देर शाम जेल से बाहर निकलने पर समर्थकों ने किया स्वागत
विज्ञापन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दो छात्र गुटों के बीच विवाद के बाद दर्ज लूट और धमकी के मामले में आरोपी छात्र नेता सतीश प्रजापति को शुक्रवार को जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद देर शाम वह जेल से बाहर निकले। इस दौरान उनके समर्थकों ने स्वागत किया।
इससे पहले कैंट पुलिस ने सतीश को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी की तहरीर पर सतीश प्रजापति, उज्ज्वल सिंह, सत्यम समेत अन्य के खिलाफ मारपीट, लूट और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। तहरीर में 1068 रुपये और जरूरी दस्तावेज छीनने के साथ बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। मामले में पुलिस ने लूट के मुकदमे में रिमांड में लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। बृहस्पतिवार को सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी निरस्त कर दी थी। आरोपी छात्र नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज शाही ने पक्ष रखा था। इसके बाद सतीश की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। विवाद विश्वविद्यालय में सदस्यता अभियान को लेकर दोनों छात्र गुटों के बीच चल रही तकरार के बाद हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की ओर से चल रही गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
इससे पहले कैंट पुलिस ने सतीश को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी की तहरीर पर सतीश प्रजापति, उज्ज्वल सिंह, सत्यम समेत अन्य के खिलाफ मारपीट, लूट और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। तहरीर में 1068 रुपये और जरूरी दस्तावेज छीनने के साथ बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। मामले में पुलिस ने लूट के मुकदमे में रिमांड में लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। बृहस्पतिवार को सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी निरस्त कर दी थी। आरोपी छात्र नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज शाही ने पक्ष रखा था। इसके बाद सतीश की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। विवाद विश्वविद्यालय में सदस्यता अभियान को लेकर दोनों छात्र गुटों के बीच चल रही तकरार के बाद हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की ओर से चल रही गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन