Gorakhpur Flood: गोरखपुर में सरयू और राप्ती नदी में आ रहा उफान, ग्रामीण परेशान
बड़हलगंज के दियारा और कछार क्षेत्रों में चार दिनों से सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से तटवर्ती लोगों में दहशत है। सरयू नदी के बढ़ाव से रामजानकी राजमार्ग पर बाढ़ के पानी से दबाव बढ़ता जा रहा है।
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गोरखपुर में नदियों के जलस्तर में धीमी गति से बढ़ाव जारी है। अयोध्या में जहां रविवार को सरयू का पानी स्थित रहा। वहीं देवरिया के बरहज में खतरे के निशान को सरयू नदी पार कर गई। राजघाट के बर्डघाट में शाम चार बजे बीते 24 घंटे के भीतर राप्ती नदी में 27 सेमी का बढ़ाव दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी धीमी गति से बढ़ रही है। इससे नदी के किनारों पर कटान तेज हो गई है।
गोरखपुर जिले से होकर गुजरने वाली नदियों में जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। रविवार को अयोध्या में सरयू का पानी अयोध्या पुल पर 92.980 मीटर पर रहा। यहां पर सुबह आठ बजे से लेकर शाम चार बजे तक कोई बदलाव नहीं दर्ज किया गया। जबकि बरहज में खतरे का निशान 66.500 मीटर है, जहां नदी 67.550 मीटर पर बह रही है।
सरयू नदी खतरे के निशान से 01.05 मीटर ऊपर है। यहां पर 24 घंटे में सरयू का पानी 15 सेंटीमीटर बढ़ा है। बर्डघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर का खतरा बिंदू 74.980 मीटर है। रविवार की शाम 73.840 मीटर पर थी। यहां पर नदी खतरे के निशान से 1.14 मीटर नीचे है। बीते 24 घंटे में यहां पर कुल बढ़ाव 27 सेमी दर्ज किया गया।
रामजानकी मार्ग पर बढ़ रहा सरयू का दबाव
बड़हलगंज के दियारा और कछार क्षेत्रों में चार दिनों से सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से तटवर्ती लोगों में दहशत है। सरयू नदी के बढ़ाव से रामजानकी राजमार्ग पर बाढ़ के पानी से दबाव बढ़ता जा रहा है। रामजानकी मार्ग से सीधेगौर से बरडीहा, अजयपुरा और गोरखपुरा आदि गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर बरडीहा पुलिया के पास बाढ़ का पानी ओवरफ्लो कर रहा है। इससे गोरखपुरा अजयपुरा, खैराटी, कोटियानीरंजन, बगहा, बल्थर कोलखास और नईबस्ती चारों ओर पानी से घिर चुके हैं।
टापू बने विहुआ उर्फ अगिलौगवा सहित तीन गांव
राप्ती नदी के जलस्तर से कछरांचल का विहुवा उर्फ अगिलागौवा, लखनौरी, खोहियापट्टी गांव टापू बन गए हैं। इन गांवों के लोग निजी नावों से आ जा रहे हैं। जबकि बाढ़ से जूझ रहे गांवों में अभी तहसील प्रशासन की नाव नहीं लगी है। क्षेत्र के रामकिशोर, अनिरुद्ध यादव, पूर्व प्रधान दर्शन यादव, सुनील तिवारी, अमरजीत गुप्ता, हरिश्चंद्र विश्वकर्मा आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से गांवों में नाव की व्यवस्था कराई जाए। पानी से घिरे गांवों को मैरूंड घोषित किया जाए।
बिसरा गांव में नहीं मिल पर सरकारी मदद
सरयू नदी के पानी से घिरे बिसरा गांव में सरकारी मदद नहीं मिल सकी है। इस गांव के बढ़ई टोला और मौर्या टोला पानी से घिरे हुए हैं। यहां के सोनू शर्मा, रिंकू यादव, रामप्यारे यादव, विद्यासागर, मोहन मौर्या, रामबृक्ष यादव ने बताया कि एक हफ्ते से अधिक समय हो गया। जलभराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दवाओं का छिड़काव भी नहीं हुआ है।
गोला एसडीएम रोहित कुमार मौर्या ने कहा कि अभी कोई गांव मैरूंड नहीं हुआ है। नदियों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राजस्वकर्मी कर्मचारी बाढ़ क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर नावों का इंतजाम किया जाएगा।
मठराम गिरी और मल्लाह टोली आ सकता है कटान की चपेट में
गांव के सलिल गिरी, पुजारी गिरी, लक्ष्मी गिरी, छोटेलाल गिरी, इंद्रपाल गिरी, नगीना यादव, फौजदार मल्लाह आदि का कहना है कि सरकार कटान को रोकने का कोई और उपाय करके नदी की धारा को मोड़े, नहीं तो पुरानी आबादी नदी में विलीन हो जाएगी।
बाढ़ खंड दो के जूनियर इंजीनियर जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। बचाव कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान में बाढ़ की गति में कमी दर्ज की गई है। थोड़ी बहुत जो कटान हो रही है उससे आबादी और सड़क को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।