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भारत-पाक विभाजन: सरदार बलबीर सिंह ने सुनाई अपनी कहानी, बोले- पड़ोसी ने वापस ले लिए बर्तन तो फर्श पर खाया खाना
Thu, 18 Aug 2022 01:47 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 18 Aug 2022 01:47 PM IST
सार
सरदार बलवीर सिंह ने बताया कि देश के विभाजन के वक्त वह आठ साल के थे। उनका परिवार रावलपिंडी में रहता था। पाकिस्तान में बलवीर सिंह के खानदान के करीब 250 लोगों की हत्या कर दी गई। बचे हुए लोगों को उनके दादा जी किसी तरह हिंदुस्तान ले आए। परिवार देवबंद, कानपुर होते हुए गोरखपुर पहुंचा।
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सरदार बलबीर सिंह ने सुनाई अपनी आप बीती।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद 1947 में जब परिवार रावलपिंडी से किसी तरह कानपुर पहुंचा तो मां ने पड़ोसी से बर्तन मांगकर भोजन पकाया था। किसी ने भोजन नहीं किया था कि पड़ोसन ने बर्तन मांग लिए। खाना रखने के लिए हमारे पास बर्तन नहीं थे। ऐसे में मां ने फर्श पर ही खाना परोस दिया। उस दिन परिवार के सभी सदस्यों ने फर्श पर ही परोसा गया भोजन किया था।
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भारत-पाकिस्तान के विभाजन का दंश समेटे पाकिस्तान के रावलपिंडी से गोरखपुर आए सरदार बलबीर सिंह ने बुधवार को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में विभाजन की भोगी गई त्रासदी कुछ इसी तरह बयां की। वह शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान एवं हेरिटेज फाउंडेशन की तरफ से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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इसके पूर्व उन्होंने उत्तर प्रदेश पंजाबी एकेडमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू, प्राणी उद्यान मुख्य पशु चिकित्सक डॉ योगेश प्रताप सिंह, हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ अनिता अग्रवाल के साथ प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया।
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बॉबिना रोड निवासी सरदार बलवीर सिंह ने बताया कि देश के विभाजन के वक्त वह आठ साल के थे। उनका परिवार रावलपिंडी में रहता था। पाकिस्तान में बलवीर सिंह के खानदान के करीब 250 लोगों की हत्या कर दी गई। बचे हुए लोगों को उनके दादा जी किसी तरह हिंदुस्तान ले आए। परिवार देवबंद, कानपुर होते हुए गोरखपुर पहुंचा।
मां ने गोरखपुर में पहला ऊषा का सिलाई सिखाने का सेंटर खोला। 200 रुपये वेतन और एक मशीन बिकने पर 20 रुपये कमीशन मिलता था। परिवार के लोगों ने हार नहीं मानी और मेहनत और ईमानदारी से बढ़ते गए। इस दौरान डॉ रवि यादव, राजेश पांडेय, राजीव श्रीवास्तव, सत्येंद्र श्रीवास्तव, रोहित सिंह, जय सिंह, शशिभूषण श्रीवास्तव, संजय सिंह बघेल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।